व्यापार
30-May-2026


- विदेशी मुद्रा लेनदेन से आय में 52 फीसदी उछाल नई दिल्‍ली (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने बहीखाते और विदेशी मुद्रा लेनदेन से होने वाली आय में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है। इस शानदार प्रदर्शन के कारण केंद्रीय बैंक ने सरकार को अब तक का सर्वाधिक लाभांश देने की घोषणा की है। साथ ही, आरबीआई देश में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के उपयोग को व्यापक बनाने और सीमा पार लेनदेन में इसकी संभावनाओं को तलाशने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में विदेशी मुद्रा लेनदेन से आरबीआई की आय लगभग 52 फीसदी बढ़कर 1.69 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष 1.11 लाख करोड़ रुपये थी। इस दौरान आरबीआई का कुल बहीखाता 15.72 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 91.97 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक का सरप्लस भी 6.7% बढ़कर 2,86,588.46 करोड़ रुपये रहा। संपत्तियों में यह वृद्धि मुख्य रूप से घरेलू निवेश (44.9 फीसदी), स्वर्ण भंडार (63.8 फीसदी) और विदेशी निवेश (7.9 फीसदी) में बढ़ोतरी के कारण हुई है। आरबीआई इस वित्त वर्ष में डिजिटल रुपये को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं और घरेलू खुदरा क्षेत्र में लागू करने की तैयारी में है। केंद्रीय बैंक सीमा पार लेनदेन में भी सीबीडीसी के उपयोग की संभावनाओं को तलाश रहा है, जिसके लिए सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों के साथ बातचीत जारी है। आरबीआई बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स की बहुपक्षीय पहलों का भी हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सीबीडीसी के माध्यम से सीमा पार भुगतान को अधिक प्रभावी बनाना है। सतीश मोरे/30मई ---