पटना, (ईएमएस)। बिहार में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में राज्य से 59,579 साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज की गई हैं। वर्ष 2024 से अब तक ऑनलाइन साइबर अपराध शिकायतों और एफआईआर दर्ज करने के मामले में बिहार देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। इन शिकायतों में कुल 199 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की सूचना मिली, जिनमें से 51 करोड़ रुपये (26.04 प्रतिशत) की राशि समय रहते होल्ड कर दी गई। इसके अलावा अब तक करीब 7 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस भी कराए जा चुके हैं। * चार महीनों में 602 साइबर अपराधी गिरफ्तार पिछले वर्ष गठित साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (सीसीएसयू) ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 602 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वर्ष 2025 में पूरे साल में 1,098 गिरफ्तारियां हुई थीं। इसी अवधि में विशेष अभियान चलाकर 1,216 म्यूल (फर्जी लेनदेन) खातों की पहचान की गई। सीसीएसयू के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अमृत राज ने कहा कि साइबर अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। * 1930 हेल्पलाइन पर कॉल में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी फरवरी 2026 में 1930 साइबर हेल्पलाइन पर पीएसटीएन (पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क) सुविधा शुरू होने के बाद शिकायतों में तेजी आई है। हेल्पलाइन पर प्रतिदिन आने वाली कॉल की संख्या 5,500 से बढ़कर 8,100 हो गई है, जो लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं ऑनलाइन साइबर वित्तीय धोखाधड़ी शिकायतों की औसत संख्या 295 से बढ़कर 430 प्रतिदिन पहुंच गई है। * 122 एफआईआर, 234 लोगों पर कार्रवाई विभिन्न जिलों की पुलिस ने एनसीआरपी पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर 122 एफआईआर दर्ज कीं और 234 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। इनमें पांच बैंक अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा 5,035 संदिग्ध लेयर-1 म्यूल खातों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने ऐसे 22 बैंक शाखाओं की पहचान की है जहां सबसे अधिक म्यूल खाते पाए गए हैं। इन मामलों में बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। * फर्जी आधार, पैन और राशन कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ सीसीएसयू ने अवैध वेबसाइटों के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी और निवास प्रमाण पत्र जारी करने वाले 815 उपयोगकर्ताओं, खुदरा विक्रेताओं और वितरकों को ट्रैक किया। इस मामले में 41 एफआईआर दर्ज कर 67 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तीन जिलों से 11 बायोमेट्रिक स्कैनर, 7 आईरिस स्कैनर, सिलिकॉन फिंगरप्रिंट तथा बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जाली दस्तावेज बरामद किए हैं। * मधुबनी में सिम बॉक्स रैकेट का खुलासा मधुबनी में इस वर्ष एक बड़ी कार्रवाई के दौरान चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से सात सिम बॉक्स, 167 मोबाइल फोन, 44 सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। जांच के दौरान देश में पहली बार सॉफ्टवेयर आधारित सिम बॉक्स के संचालन का पता चला। इसी सुराग के आधार पर हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम में चार अन्य सिम बॉक्स का भी खुलासा किया। * हजारों मोबाइल नंबर और आईएमईआई ब्लॉक एनसीआरपी शिकायतों के आधार पर अब तक 4,147 मोबाइल नंबर और 638 आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए जा चुके हैं। इसके अलावा फर्जी सिम बेचने वाले 162 संदिग्ध पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंटों की पहचान कर उनके सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। * अश्लील सामग्री अपलोड करने और डेटा बेचने वालों पर कार्रवाई एनसीआरपी से मिले इनपुट के आधार पर पटना और वैशाली में तीन लोगों को अश्लील वीडियो और फोटो संग्रहित करने, देखने और अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वहीं नागरिकों के नाम, पता, आधार और पैन नंबर जैसी संवेदनशील जानकारियों (एसआरटी डेटा) की अवैध बिक्री करने वाले पांच साइबर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ सारण, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया साइबर थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। * सोशल मीडिया से 659 आपत्तिजनक पोस्ट हटाए गए सीसीएसयू ने वर्ष 2026 में अब तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से 659 आपत्तिजनक पोस्ट हटवाई हैं। यह संख्या पूरे वर्ष 2025 में हटाई गई कुल पोस्टों का लगभग 80 प्रतिशत है। संतोष झा- ३० मई/२०२६/ईएमएस