राज्य
30-May-2026


- वाईएसआरसीपी के पूर्व विधायक समेत 7 पर केस, 3 गिरफ्तार - हाई कोर्ट से केस हारने के बाद रची जालसाजी की साजिश हैदराबाद (ईएमएस)। करीब 10 एकड़ कीमती सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की कथित साजिश के मामले में वाईएसआरसीपी के पूर्व विधायक बोल्ला ब्रह्मा नायडू समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पूर्व विधायक सहित चार अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है। यह पूरी कार्रवाई स्थानीय तहसीलदार द्वारा दर्ज कराई गई एक आधिकारिक शिकायत के आधार पर की गई है। पुलिस के मुताबिक, पूरा मामला नरसिंगी इलाके की बेशकीमती सरकारी जमीन से जुड़ा है, जिसे फर्जी सरकारी आदेश (जीओ) तैयार कर नियमित (रेगुलराइज) कराने की कोशिश की जा रही थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्मला राजेश गौड़, निम्मला वेणुगोपाल और निम्मला साई किरण के रूप में हुई है। तहसीलदार की शिकायत में बताया गया था कि व्हाट्सएप पर ऐसे पांच सरकारी आदेश वायरल हो रहे थे, जिनमें यह झूठा दावा किया गया था कि गांडीपेट स्थित 10 एकड़ जमीन को राज्य सरकार ने निम्मला परिवार के नाम हस्तांतरित कर दिया है। राजस्व विभाग की जांच में ये सभी सरकारी आदेश पूरी तरह फर्जी और जाली पाए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि निम्मला परिवार ने पहले इस जमीन पर अपना मालिकाना हक जताते हुए राजस्व विभाग के खिलाफ तेलंगाना हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। हालांकि, अदालत ने अक्टूबर 2025 में ही उनके दावों को खारिज कर दिया था। कोर्ट से झटका लगने के बाद, आरोप है कि निम्मला परिवार ने पूर्व विधायक ब्रह्मा नायडू और उनके रिश्तेदार बोल्ला रमेश के साथ मिलकर एक गहरी आपराधिक साजिश रची। इन लोगों ने खुद को जमीन का वैध मालिक बताकर इसे करीब 3.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बाजार में बेचने का ताना-बाना बुना। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूर्व विधायक ब्रह्मा नायडू ने आरोपियों को भरोसा दिलाया था कि वह सूर्यापेट के एक तथाकथित अतिरिक्त कलेक्टर राधाकृष्ण की मदद से इस विवादित जमीन को सरकारी फाइलों में नियमित करवा देंगे। हालांकि, बाद में खुलासा हुआ कि राधाकृष्ण कोई सरकारी अधिकारी नहीं, बल्कि एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर है। इन आरोपियों ने मिलकर जाली सरकारी आदेश तैयार किए और जमीन को पूरी तरह वैध दिखाकर कुछ खरीदारों के साथ बकायदा एमओयू (सहमति पत्र) भी साइन कर लिए। जांच में यह वित्तीय पहलू भी उजागर हुआ है कि इस एमओयू के एवज में निम्मला परिवार को चार करोड़ रुपये की अग्रिम राशि (टोकन मनी) भी मिल चुकी थी। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी सुनील, राधाकृष्ण और अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। गौरतलब है कि मुख्य आरोपी बोल्ला ब्रह्मा नायडू वर्ष 2019 से 2024 तक विनुकोंडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। रामयश/ईएमएस 30 मई 2026