राज्य
30-May-2026


- उत्तर 24 परगना और नदिया समेत कई जिलों में बने नए होल्डिंग सेंटर - भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा सख्त, निर्वासन की तैयारी शुरू कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में अवैध घुसपैठ के खिलाफ जारी व्यापक अभियान के बीच, संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखने के लिए बनाए गए होल्डिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाकर 11 कर दी गई है। पिछले एक सप्ताह के भीतर ही इन केंद्रों के बुनियादी ढांचे में तेजी से विस्तार किया गया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इन अलग-अलग केंद्रों में वर्तमान में करीब 386 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में रखा गया है। इनमें से सबसे बड़ी संख्या, लगभग 335 लोग, उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट पुलिस जिले के अंतर्गत आने वाले तीन नए होल्डिंग सेंटरों में है। टेटुलिया, चारघाट और मीडिया इलाकों में स्थापित ये केंद्र इसी मंगलवार से शुरू हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में रखे गए इन सभी व्यक्तियों को भोजन, चिकित्सा सहायता और अन्य बुनियादी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके साथ ही, उनकी नागरिकता के सत्यापन की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। इस समय बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच इन नागरिकों के सत्यापन और उनके देश वापस भेजे जाने (निर्वासन) की प्रक्रिया को लेकर बातचीत चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकता प्रमाणित होने के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा। पूछताछ में सामने आया है कि पकड़े गए लोगों में से कई 5 से 10 साल पहले अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आए थे। सुरक्षा एजेंसियां अब पेट्रापोल बॉर्डर के पास एक बंद पड़े सरकारी भवन को भी नए होल्डिंग सेंटर में तब्दील कर रही हैं। इसके अलावा हाबरा, अशोकनगर और कल्याणगढ़ जैसे सीमावर्ती इलाकों में तलाशी अभियान और सख्त कर दिया गया है। अब इस कार्रवाई का दायरा नदिया और मुर्शिदाबाद जिलों तक भी फैल गया है, जहाँ नए अस्थायी केंद्र बनाकर संदिग्धों को कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है। प्रशासन अब इन केंद्रों में महिलाओं और नाबालिगों के लिए अलग से विशेष सुविधा केंद्र भी तैयार कर रहा है। रामयश/ईएमएस 30 मई 2026