राज्य
30-May-2026


नए प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए चल रही कार्रवाई पर अंतरिम आदेश जबलपुर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक जैन तथा न्यायाधीश अजय कुमार निरंकारी की संयुक्तपीठ ने एक मामले में सुनवाई करते हुए प्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले में प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मकान तोड़े जाने की कार्रवाई पर अपने अंतरिम आदेश के तहत रोक लगाने के साथ ही मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब कर याचिका पर अगली सुनवाई 1 जून को निर्धारित की है। मऊगंज जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बलभद्रगढ़ निवासी पूर्व जनपद सदस्य बसंत लाल कोल की ओर से दायर जनहित याचिका में उल्लकेख किया गया है कि मऊगंज के शहपुरा थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम घुरेहटा कला (वार्ड क्रमांक-11) में लंबे समय से अनुसूचित जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निवास कर रहे हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा पूर्व में इन परिवारों के कब्जे को मान्यता देते हुए उन्हें भूमि के पट्टे प्रदान किए थे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी आवास योजनाओं के तहत लाभ देकर पक्के मकानों का निर्माण भी कराया गया था। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि अब जिला मुख्यालय के प्रशासनिक भवनों के निर्माण के लिए इन परिवारों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था, पुनर्वास योजना अथवा विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाए जेसीबी मशीनों की सहायता से हटाया जा रहा है। याचिका में न्यायालय से मांग की गई कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए सम्मानजनक पुनर्वास या वैकल्पिक आवास की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक किसी भी प्रकार की बेदखली और तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद संयुक्तपीठ ने अंतरिम राहत देते हुए बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगा दी। साथ ही शासकीय अधिवक्ता को शासन से निर्देश प्राप्त कर विस्तृत पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा और गोपाल कृष्ण गौतम ने पक्ष रखा। अजय पाठक / मोनिका / 30 मई 2026/ 02.55