राष्ट्रीय
30-May-2026


* परिजनों के नहीं आने पर नडियाद जिला जेल प्रशासन, कानूनी सेवा प्राधिकरण और पुलिस ने निभाई परिवार की भूमिका खेड़ा (ईएमएस)| जब प्रशासन मानवीय संवेदनाओं का परिचय देता है तो लोगों की आंखें नम हो जाती हैं। ऐसी ही एक मिसाल नडियाद जिला जेल में देखने को मिली। जेल में बंद एक श्रमिक परिवार की महिला आरोपी ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उसे लेने उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं आया। ऐसे समय में गुजरात पुलिस उसकी संरक्षक बनकर सामने आई और खाकी के पीछे धड़कते संवेदनशील हृदय का परिचय देते हुए परिवार की भूमिका निभाई। पुलिस ने महिला और उसके बच्चों को सुरक्षित रूप से मध्यप्रदेश स्थित उसके घर तक पहुंचाया। कुछ दिन पहले आनंद जिले के खंभात में पॉक्सो एक्ट, 2012 के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में एक गर्भवती महिला को सह-आरोपी बनाया गया था। वह अपने दो वर्षीय बच्चे के साथ नडियाद जिला जेल लाई गई थी। महिला के देवर द्वारा एक नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने के मामले में उसके पति और देवर के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था, जबकि महिला को भी सह-आरोपी बनाया गया था। मूल रूप से मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले का रहने वाला यह परिवार मजदूरी के लिए आनंद जिले में आकर बस गया था। जब महिला को नडियाद जिला जेल लाया गया, तब वह गर्भवती थी। 21 मई को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसे पहले नडियाद सिविल अस्पताल और बाद में अहमदाबाद सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां उसने एक पुत्र को जन्म दिया। उपचार पूरा होने के बाद महिला को उसके नवजात शिशु के साथ पुनः नडियाद जिला जेल लाया गया। अब वह जेल में अपने दो वर्षीय बच्चे और चार दिन के नवजात के साथ रह रही थी। महिला को स्थानीय अदालत से जमानत मिल गई थी, लेकिन उसे रिहा कराने उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा। उसका पति और देवर जेल में थे तथा परिवार बेहद गरीब था। ऐसे में इस प्रवासी और जरूरतमंद महिला की सहायता के लिए आनंद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और नडियाद जिला जेल प्रशासन आगे आए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने महिला को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए जेल अधिकारियों से उसे उसके गृह राज्य मध्यप्रदेश पहुंचाने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। गुजरात पुलिस प्रमुख डॉ. के.एल.एन. राव के मार्गदर्शन में नडियाद जिला जेल पुलिस ने एक स्थानीय सामाजिक संस्था की मदद से वाहन की व्यवस्था की और उसके साथ दो कांस्टेबलों को भी भेजा। पुलिस दल महिला को मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले तक लेकर गया। वहां स्थानीय पुलिस थाने को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया और महिला का उसके परिवार से पुनर्मिलन कराया गया। अपने नवजात शिशु और दो वर्षीय बच्चे के साथ घर पहुंचने पर महिला भावुक हो गई और गुजरात के संवेदनशील प्रशासन तथा विशेष रूप से गुजरात पुलिस का आभार व्यक्त किया। सतीश/30 मई