गैंगस्टर एक्ट के मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित, प्रभावी पैरवी और त्वरित दोषसिद्धि पर जोर फतेहपुर (ईएमएस)। जनपद में संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने संयुक्त रूप से की। बैठक के दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत पंजीकृत अभियोगों, लंबित विवेचनाओं, न्यायालय में विचाराधीन मामलों, अभियोजन की प्रगति, दोषसिद्धि की स्थिति तथा अपराधियों के विरुद्ध की जा रही वैधानिक कार्यवाहियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने प्रत्येक प्रकरण की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि संगठित अपराध और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गैंगस्टर एक्ट के मामलों में मजबूत साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए, जिससे अपराधियों को शीघ्र दंडित कराया जा सके और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों में विवेचना की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विवेचकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं विधिक दृष्टिकोण से संकलन किया जाए, ताकि न्यायालय में अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूत रहे और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। बैठक में अभियोजन अधिकारियों एवं विवेचकों को आपसी समन्वय और संवाद को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि न्यायालय में गवाहों एवं साक्ष्यों की समयबद्ध प्रस्तुति सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। इससे मामलों के त्वरित निस्तारण और दोषसिद्धि की संभावना बढ़ेगी। समीक्षा के दौरान गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत अपराधियों की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने, उनके विरुद्ध चल रही वैधानिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं विवेचक उपस्थित रहे। सभी को निर्देशित किया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप अपराध नियंत्रण एवं दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए समन्वित और परिणामोन्मुखी कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि जनपद में कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके। शीबू खान / ईएमएस 30 मई, 2026