30-May-2026
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- समर्थ पोर्टल के लॉगिन लीक होने की चर्चा से मचा हडक़ंप - प्रश्नपत्रों और संवेदनशील डेटा पर मंडराया खतरा बिलासपुर (ईएमएस)। देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश, परीक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले समर्थ पोर्टल से जुड़े कथित लॉगिन आईडी और पासवर्ड लीक होने की चर्चाओं ने उच्च शिक्षा जगत में चिंता बढ़ा दी है। इस बीच गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में भी संभावित साइबर सुरक्षा जोखिम को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के करीब 32 विभागों से जुड़े प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय दस्तावेजों पर खतरे की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल अधिकारियों की बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। हालांकि अब तक किसी प्रश्नपत्र के लीक होने या डेटा के दुरुपयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संभावित सुरक्षा चूक ने प्रशासन और विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों की डिजिटल लाइफलाइन है समर्थ पोर्टल समर्थ पोर्टल देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है। प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रबंधन, छात्र पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, पीएचडी प्रवेश, भर्ती प्रक्रिया, प्रशासनिक रिकॉर्ड और वित्तीय जानकारी जैसे महत्वपूर्ण कार्य इसी सिस्टम के माध्यम से संचालित होते हैं। यही वजह है कि लॉगिन क्रेडेंशियल्स से जुड़ी किसी भी सुरक्षा चूक को बेहद गंभीर माना जा रहा है। यदि किसी अनधिकृत व्यक्ति को पोर्टल तक पहुंच मिलती है तो हजारों छात्रों, शोधार्थियों और कर्मचारियों की संवेदनशील जानकारी जोखिम में पड़ सकती है। 32 विभागों के प्रश्नपत्रों को लेकर बढ़ी चिंता विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों का दावा है कि करीब 32 विभागों से संबंधित प्रश्नपत्र और गोपनीय परीक्षा सामग्री संभावित रूप से प्रभावित हो सकती है। इस चर्चा के बाद परीक्षा शाखा ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक किसी प्रश्नपत्र के लीक होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यदि जांच में किसी प्रकार की सुरक्षा खामी सामने आती है तो परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। छात्रों की निजी जानकारी भी हो सकती है प्रभावित समर्थ पोर्टल में विद्यार्थियों के आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, अंकसूचियां, प्रवेश दस्तावेज, पंजीयन रिकॉर्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां संग्रहीत रहती हैं। ऐसे में कथित लॉगिन लीक की चर्चाओं ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेटा सुरक्षा किसी भी व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में व्यक्तिगत और संस्थागत रिकॉर्ड मौजूद रहते हैं। पीएचडी, भर्ती और प्रशासनिक रिकॉर्ड भी दांव पर सूत्रों के मुताबिक पोर्टल में केवल छात्र संबंधी डेटा ही नहीं, बल्कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया, शोधार्थियों के रिकॉर्ड, कर्मचारी भर्ती दस्तावेज, विभागीय पत्राचार और प्रशासनिक फाइलें भी उपलब्ध रहती हैं। इसी वजह से संभावित डेटा लीक की खबर सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि यदि कहीं सुरक्षा में सेंध लगी है तो उसका स्रोत क्या है और उसका प्रभाव कितना व्यापक हो सकता है। छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी बेचैनी मामले की चर्चा सामने आने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच बेचैनी का माहौल है। छात्रों का कहना है कि प्रवेश, परीक्षा और परिणाम जैसी लगभग सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित होती हैं। कई विद्यार्थियों ने स्वतंत्र साइबर सुरक्षा जांच कराने, सिस्टम का ऑडिट करवाने और डेटा सुरक्षा को और मजबूत बनाने की मांग की है। सक्रिय हुआ विश्वविद्यालय प्रशासन जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तकनीकी अधिकारियों, परीक्षा शाखा और संबंधित विभागों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की है। साथ ही पोर्टल से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर संभावित जोखिमों का आकलन किया जा रहा है। प्रबंधन का मुख्य फोकस यह जानने पर है कि कथित रूप से लीक हुए लॉगिन क्रेडेंशियल्स का स्रोत क्या है और क्या किसी प्रकार की अनधिकृत पहुंच वास्तव में हुई है या नहीं। - सबसे बड़े सवाल * क्या वास्तव में समर्थ पोर्टल से जुड़े लॉगिन आईडी और पासवर्ड लीक हुए हैं? * क्या किसी अनधिकृत व्यक्ति ने विश्वविद्यालय के डेटा तक पहुंच बनाई? * क्या 32 विभागों के प्रश्नपत्र और गोपनीय दस्तावेज प्रभावित हुए हैं? * क्या विद्यार्थियों और कर्मचारियों की निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है? * क्या विश्वविद्यालय और संबंधित एजेंसियां साइबर सुरक्षा ऑडिट कराएंगी? - विश्वविद्यालय का पक्ष यूनिवर्सिटी के समर्थ पोर्टल की जानकारी लीक होने की सूचना मिली है। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक से चर्चा कर पूरी जानकारी ली जा रही है। प्रो. मनीष श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर - क्यों गंभीर है मामला? * केंद्रीय विश्वविद्यालयों की प्रमुख डिजिटल प्रणाली से जुड़ा मामला * परीक्षा, प्रवेश और प्रशासनिक रिकॉर्ड एक ही पोर्टल पर उपलब्ध * हजारों विद्यार्थियों और कर्मचारियों का संवेदनशील डेटा सिस्टम में सुरक्षित * प्रश्नपत्रों और गोपनीय दस्तावेजों पर संभावित खतरे की चर्चा * साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल - 30 मई 2026