ग्वालियर ( ईएमएस ) । ग्वालियर की आदर्श गौशाला अब तेजी से स्वांवलंबी बनने जा रही है। आदर्श गौशाला में सीएसआर मद से बायो सीएनजी प्लांट लगाया गया, जिससे निगम अब स्वयं की बिजली बना सकेगा। इस बिजली का उपयोग सीएनजी प्लांट के संचालन में लगी मशीनों को चलाने के लिए किया जाएगा। इससे निगम की प्रतिमाह लगभग 4 लाख रुपए की बचत होगी। गौशाला में जगह का सद्पयोग करने के लिए सोलर प्लांट को गायों के लिए बनाए गए टीनशेड की छत पर लगाया गया है, जिससे सीधी धूप सोलर प्लेट पर आएगी, वहीं गौशाला की जगह भी व्यर्थ नहीं जाएगी। सहायक यंत्री विद्युत श्री राम बाबू दिनकर ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय के निर्देशन में नगर निगम में एनर्जी ऑडिट का कार्य किया जा रहा है इसके तहत निगम में लगे विद्युत मीटर का लोड कम किया जाकर वास्तविक खपत के आधार पर आकलन किया जा रहा है। इसी के साथ ही नगर निगम द्वारा आदर्श गौशाला में 2 करोड़ की लागत से 400 किलोवॉट की क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। इस प्लांट से प्रतिदिन 1600 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इस बिजली का उपयोग बायो सीएनजी प्लांट को चलाने में किया जाएगा। वर्तमान समय में नगर निगम द्वारा आदर्श गौशाला में लगाए गए बायो सीएनजी प्लांट के संचालन में लगी मोटरों को चलाने में काफी बिजली खर्च होती है। सोलर प्लांट से मिली बिजली का उपयोग सीएनजी प्लांट चलाने में किया जाएगा जिससे बिजली का बिल तकरीबन 60 प्रतिशत कम हो जाएगा। नई गौशाला में लगी तीन टीनशेड पर लगा है प्लांट आदर्श गौशाला में 2 करोड़ रुपए की लागत से गौशाला में तीन नए शेड बनवाए थे। इन तीन शेड़ों में तकरीबन 2500 गाय रहती हैं। इन नए शेड़ों की छत पर सोलर प्लांट लगाए गए हैं। जिससे गौशाला में खुली भूमि का सद्पयोग किया जा सके। उल्लेखनीय है कि सीएनजी प्लांट के संचालन के लिए हाई प्रेशर कम्प्रेशर, चिलिंग प्लांट, 15 फीडिंग पंप लगे हैं। इनके संचालन में गौशाला का हर माह 8 लाख रुपए का बिल आता है। सोलर प्लांट लगने से तकरीबन 4 लाख रुपए के बिजली बिल की बचत होगी। नगर निगम की आदर्श गौशाला में प्रतिदिन 1000 से 1200 किलो बायो सीएनजी बनाई जाती है। इन सीएनजी गैस को राजस्थान कंपनी को बेचा जाता है। जिससे प्रतिदिन तकरीबन 80 हजार रुपए की आय नगर निगम को होती है। इसके साथ ही अब 4 लाख बिजली के बिल की बचत होगी। वहीं बायो सीएनजी प्लांट से निकल रही खाद की बिक्री की जाती है। इससे भी नगर निगम को आय होती है।