अलीगढ़ (ईएमएस)। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। आईजीआरएस संदर्भों के निस्तारण की गुणवत्ता एवं शिकायतकर्ताओं से प्राप्त संतोषजनक फीडबैक की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि 33 अधिकारियों के स्तर पर शिकायतों के निस्तारण के बावजूद 50 प्रतिशत से भी कम संतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ है। जनशिकायतों के निस्तारण में इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सभी 33 अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाएगा और यदि उनका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया तो वेतन पर लगी रोक बरकरार रहेगी और उनके विरुद्ध अग्रिम विभागीय कार्यवाही भी प्रस्तावित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस केवल शिकायतों के निस्तारण की औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि शासन की जनउत्तरदायी व्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही निस्तारण की वास्तविक कसौटी है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि 57 अधिकारियों का संतोषजनक फीडबैक 60 प्रतिशत से कम है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को ऐसे सभी अधिकारियों की विशेष समीक्षा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा 60 प्रतिशत से कम संतोषजनक फीडबैक प्राप्त करने वाले 57 अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता, तथ्यपरकता एवं गुणवत्ता के साथ किया जाए और न्यूनतम 70 प्रतिशत संतोषजनक फीडबैक प्राप्त करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी का संतोषजनक फीडबैक 70 प्रतिशत से कम पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिलाधिकारी की इस सख्त कार्रवाई से प्रशासनिक तंत्र में स्पष्ट संदेश गया है कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, औपचारिकता अथवा उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट करने वाले गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को ही प्राथमिकता दी जाएगी। ईएमएस/धर्मेन्द्र राघव/ 30 मई 2026