राष्ट्रीय
31-May-2026
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-हर ट्रेन की ईंधन खपत अलग-अलग, वजन, लंबाई, गति और कोचों पर होती है निर्भर नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारतीय रेल दुनिया के सबसे विशाल रेल नेटवर्कों में से एक है। हर दिन लाखों यात्री ट्रेन से सफर करते हैं, क्योंकि यह सुविधा और किफायत के मामले में बेजोड़ है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये विशालकाय ट्रेनें आखिर कितना ईंधन खर्च करती हैं? सोशल मीडिया पर अक्सर ट्रेनों की डीजल खपत को लेकर बहस छिड़ जाती है और जब इसके आंकड़े सामने आते हैं, तो लोग दंग रह जाते हैं। आमतौर पर हम कारों और बाइकों के माइलेज की बात करते हैं, लेकिन ट्रेनों का माइलेज भी कम दिलचस्प नहीं होता। हालांकि, हर ट्रेन की ईंधन खपत अलग-अलग होती है, जो उसके वजन, लंबाई, गति और कोचों की संख्या पर निर्भर करती है। यही कारण है कि एक्सप्रेस ट्रेन, सुपरफास्ट ट्रेन, मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन का माइलेज अलग होता है। जानकारी के मुताबिक, 24 से 25 डिब्बों वाली एक बड़ी एक्सप्रेस ट्रेन को एक किलोमीटर तक चलाने में करीब 6 लीटर डीजल की जरुरत पड़ती है। वहीं, अगर ट्रेन में करीब 12 कोच हों, तो वह प्रति किलोमीटर 4.5 लीटर डीजल खर्च करती है। पैसेंजर ट्रेनों की बात करें, तो वे अपेक्षाकृत कम डीजल खपत करती हैं और 1 लीटर डीजल में 5 से 6 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती हैं। इन आंकड़ों से भी ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य ट्रेन की प्रति घंटे डीजल खपत का है। बताया जाता है कि यदि 24 डिब्बों वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन करीब 48 से 51 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हो, तो वह एक घंटे में करीब 200 लीटर डीजल पी जाती है। यही वजह है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में विशाल आकार के फ्यूल टैंक लगाए जाते हैं, ताकि बार-बार ईंधन भरने की झंझट न रहे। कई लोगों के मन में यह सवाल भी उठता है कि आखिर एक ट्रेन के इंजन में कितनी डीजल स्टोर करने की क्षमता होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक डीजल इंजन में करीब 5,000 से 6,000 लीटर तक ईंधन भरा जा सकता है। यह क्षमता इसलिए जरुरी है, क्योंकि ट्रेनों को हजारों किलोमीटर तक लगातार चलना होता है और हर छोटे-बड़े स्टेशन पर डीजल भरना संभव नहीं होता। हालांकि, अब भारत में इलेक्ट्रिक ट्रेनों का विस्तार हो रहा है और कई मार्गों पर बिजली से चलने वाले इंजन इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन आज भी देश के अनेक हिस्सों में डीजल इंजन वाली ट्रेनें चलती हैं। यही कारण है कि ट्रेनों की डीजल खपत को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी रहती है। सिराज/ईएमएस 31 मई 2026