राष्ट्रीय
31-May-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को पिछले कई दिनों से झुलसा रही भीषण गर्मी और लू से आखिरकार बड़ी राहत मिली है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से मौसम ने अचानक करवट बदली है, जिससे कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई, जिसने लोगों को चिलचिलाती धूप से सुकून दिया। वहीं दूसरी ओर, राजस्थान के चूरू, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर, अलवर और सीकर जिलों में भीषण धूलभरी आंधी चलने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कई शहरों में धूल और रेत के इतने घने गुबार छा गए कि दिन के समय ही दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर शून्य हो गई। इसके चलते सड़कों पर चलने वाले वाहनों को दिन में ही अपनी हेडलाइट जलानी पड़ी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में एक जून तक गरज-चमक के साथ बारिश का यह दौर जारी रहने की संभावना है। तेज गति से आ रहा मॉनसून उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के बीच देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून भी बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है। 31 मई को मॉनसून ने अरब सागर, लक्षद्वीप, कोमोरिन और बंगाल की खाड़ी के कुछ और महत्वपूर्ण हिस्सों में अपनी मजबूत दस्तक दे दी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों के भीतर मॉनसून के केरल और तमिलनाडु के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। मॉनसून की इस तेज रफ्तार के कारण उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के तमाम राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज देश के कई राज्यों में भयंकर चक्रवाती आंधी, ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर और उप्र में आंधी व ओलावृष्टि की चेतावनी मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा के लिए बेहद कड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आज दिल्ली और हरियाणा के विभिन्न इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में ओले गिरने और कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की चेतावनी भी दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में 31 मई से 1 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर बना रहेगा। उत्तर प्रदेश में भी आज प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने पूरे यूपी में आज 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी आज 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफान आने की संभावना है। राज्य में 1 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। हालांकि, राहत के इस दौर के बीच मौसम विभाग ने एक चिंताजनक अनुमान भी जताया है। 31 मई से 5 जून के बीच दिल्ली, हरियाणा और यूपी सहित उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जून के पहले सप्ताह में लोगों को दोबारा भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम का हाल बिहार में आज मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही राज्य में आज 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आने और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिहार में 1 जून तक बारिश का यह सिलसिला लगातार बना रहेगा। पड़ोसी राज्य झारखंड में भी आज 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भयंकर आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड में 31 मई को भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और राज्य में 31 मई से 5 जून तक लगातार हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां 31 मई को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की बात कही गई है। वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में 2 जून से 5 जून के बीच बारिश की गतिविधियों में और अधिक तेजी आएगी, जिसके चलते 4 और 5 जून को कुछ दुर्गम हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में थंडरस्क्वाल और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अलर्ट मैदानी इलाकों के साथ-साथ देश के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का मिजाज काफी आक्रामक बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश में आज 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भयंकर तूफान आने और कुछ ऊंचाई वाले तथा निचले इलाकों में भारी ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है, जिससे सेब की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। दूसरी तरफ, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी आज 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और थंडरस्क्वाल (अचानक आने वाला तीव्र तूफान) की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस शुरुआती बदलाव के बाद आगामी 4 और 5 जून को कश्मीर घाटी में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/31मई 2026