अंतर्राष्ट्रीय
31-May-2026
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सिंगापुर(ईएमएस)। यहां आयोजित सुरक्षा सम्मेलन के दौरान अमेरिकी रक्षा सचिव पेटे हेगसेथ ने ईरान को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान के पास केवल दो ही रास्ते हैं—या तो वह परमाणु मुद्दे पर समझौता कर ले, अन्यथा अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान का हवाला देते हुए हेगसेथ ने कहा कि ईरान या तो बातचीत की मेज पर आकर सौदा कर सकता है, या फिर सीधे अमेरिकी रक्षा विभाग से निपट सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा वार्ता सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। यह तनावपूर्ण स्थिति ऐसे समय में बनी है जब दोनों देशों के बीच एक नाजुक युद्धविराम लागू है। करीब तीन महीने पहले शुरू हुए संघर्ष के दौरान अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था, जिससे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मार्ग प्रभावित हुआ और वैश्विक तेल आपूर्ति में भारी बाधा आई। फिलहाल इस बातचीत में मुख्य पेच शर्तों को लेकर फंसा हुआ है। अमेरिका एक ऐसे ग्रेट डील पर अड़ा है जो यह पूरी तरह सुनिश्चित करे कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं कर पाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने मांग रखी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत पूरी तरह खोला जाए, समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाया जाए और ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक को नष्ट करे। इसके बदले में 60 दिनों के युद्धविराम विस्तार और व्यापक परमाणु वार्ता का प्रस्ताव है। दूसरी ओर, ईरान में पिछले हमलों के कारण भारी अविश्वास है। ईरानी नेतृत्व का पूरा ध्यान फिलहाल युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने पर केंद्रित है, न कि परमाणु शर्तों की बारीकियों पर। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टीम की सक्रियता के बीच अमेरिकी अधिकारी इस पूरी कूटनीति को बेहद उच्च जोखिम वाली वार्ता मान रहे हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/31मई 2026