लखनऊ,(ईएमएस)। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश की पहली नौसेना शौर्य वाटिका का भव्य उद्घाटन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। यह वाटिका भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास और अदम्य साहस का प्रतीक बनेगी, जिसका मुख्य आकर्षण करीब 34 वर्षों तक भारतीय समुद्री सीमाओं की निस्वार्थ सेवा करने वाला सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती है। अब यह विराट युद्धपोत राजधानी के केंद्र में स्थित होकर भावी पीढ़ियों को भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और उन्नत सैन्य तकनीक से रूबरू कराएगा। अपने तीन दशक से भी अधिक के सेवाकाल में, आईएनएस गोमती ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री निगरानी, सुरक्षा गश्त, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यासों और कई महत्वपूर्ण सामरिक अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाई। इस युद्धपोत ने देश की संप्रभुता और समुद्री हितों की रक्षा में अद्वितीय योगदान दिया। अब सम्मानित युद्धपोत को नौसेना शौर्य वाटिका में स्थायी रूप से प्रदर्शित किया गया है, ताकि आम नागरिक और विशेष रूप से युवा नौसेना के इतिहास, बलिदान और सैन्य क्षमताओं को करीब से अनुभव कर सकें। आईएनएस गोमती को 16 अप्रैल 1988 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था और 28 मई 2022 को सम्मानपूर्वक सेवामुक्त हुआ। इसका नाम लखनऊ की जीवनदायिनी गोमती नदी के नाम पर रखा गया था, और इसका प्रतीक चिन्ह शहर की ऐतिहासिक छतर मंजिल से प्रेरित है, जो लखनऊ और नौसेना के बीच एक गहरा जुड़ाव को दिखाता है। यह भारतीय नौसेना के शुरुआती स्वदेशी गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट्स में से एक थी, जो अत्याधुनिक रडार, सेंसर, मिसाइल और तोप प्रणालियों से लैस थी। समुद्र में लंबी दूरी तक निगरानी करने, दुश्मन के जहाजों पर हमला करने और हवाई खतरों से रक्षा करने की इसकी क्षमता इसे तत्कालीन समय में एक विशिष्ट युद्धपोत बनाती थी। यह शौर्य वाटिका केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सैन्य शिक्षा और प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित की गई है। यहां आने वाले छात्र और युवा भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास, समुद्री सुरक्षा के महत्व, आधुनिक हथियार प्रणालियों और सैनिकों के निस्वार्थ योगदान के बारे में गहन जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना और आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और कार्यों की जानकारी भी यहां उपलब्ध होगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि नौसेना शौर्य वाटिका को जल्द ही आम लोगों के लिए खोला जाएगा, जिसके प्रवेश शुल्क और विजिटिंग समय को लेकर अंतिम निर्णय शीघ्र घोषित किया जाएगा। यह वाटिका निश्चित रूप से देशभक्ति और सैन्य गौरव की भावना को प्रेरित करेगी। आशीष दुबे / 31 मई 2026