राज्य
31-May-2026
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:: एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने किया उद्घाटन, आगामी विस्तार का शिलान्यास; एपीआई उद्योगों के लिए 52 प्रतिशत कैपिटल अनुदान की घोषणा :: धार/इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास में आज उस समय एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया, जब फार्मास्युटिकल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी मैडइम्पैक्ट लाइफसाइंसेज की अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का ग्राम-उज्जैनी स्थित एमपीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में भव्य शुभारंभ हुआ। इस नए संयंत्र का उद्घाटन मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चैतन्य काश्यप ने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन कर एवं फीता काटकर किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर संस्थान के आगामी विस्तार चरण का शिलान्यास भी संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में धार क्षेत्र की विधायक नीना विक्रम वर्मा, अशोक जैन तथा विश्व कल्याण अनुष्ठान केन्द्र के प्रेरणा प्रणेता डॉ. भरतकुमार ओझा मंच पर आसीन थे। उद्घाटन के पश्चात समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि चैतन्य काश्यप ने कहा कि सक्रिय औषधीय घटक (एपीआई) और स्टेरॉयड का निर्माण चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किसी जीवन रेखा से कम नहीं है। यह दवाओं के निर्माण का वह आधारभूत तत्व है, जिसके बिना अंतिम औषधि तैयार नहीं की जा सकती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी और मेक इन इंडिया के विज़न को रेखांकित करते हुए कहा कि दवाओं के आयात पर देश की निर्भरता कम करने के लिए ऐसे ड्रग्स विनिर्माण संयंत्रों का आना समय की मांग है। यह उद्यम केवल एक व्यावसायिक इकाई नहीं, बल्कि जनसेवा और राष्ट्रसेवा का एक अनुकरणीय माध्यम है। मंत्री चैतन्य काश्यप ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत घोषणा करते हुए बताया कि जहाँ सामान्य एमएसएमई उद्योगों को सरकार द्वारा 40 प्रतिशत का कैपिटल अनुदान दिया जाता है, वहीं राज्य सरकार की विशेष फार्मा नीति के तहत इस अत्यंत महत्वपूर्ण एपीआई ड्रग यूनिट को 52 प्रतिशत तक का विशेष कैपिटल अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने टेक्सटाइल पृष्ठभूमि से होने के बावजूद स्थानीय उद्यमियों द्वारा इस जटिल तकनीकी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के साहस की सराहना की। इससे पूर्व, अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए कंपनी के निदेशक संजय रमनलाल जैन ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज का दिन पोधीत्ता परिवार के लिए अत्यंत हर्ष एवं गौरव का अवसर है। परिवार के आधार स्तंभ स्व. मन्नालाल जैन एवं स्व. श्रीमती ताराबाई जैन के संस्कार और आशीर्वाद की बदौलत ही आज इस औद्योगिक वटवृक्ष की नई शाखा का विस्तार हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी का एकमात्र ध्येय स्वस्थ जीवन–समृद्ध भारत के संकल्प के साथ चिकित्सा जगत और पीड़ित समाज की सच्ची सेवा के लिए उच्च गुणवत्तायुक्त व सुरक्षित औषधियों का निर्माण करना है। परियोजना की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए निदेशक संजय जैन ने बताया कि विगत कोविड-19 महामारी के भीषण दौर और लॉकडाउन के सन्नाटे में उनके तथा सहयोगी निदेशक आशीष कैलाश चंद जैन के मध्य हुए गहन विचार-मंथन से इस विशिष्ट फार्मा उद्योग की नींव पड़ी थी। संपूर्ण परिवार के नैतिक सहयोग और तकनीकी टीम के दिन-रात के अथक परिश्रम से यह स्वप्न आज साकार हुआ है। विज्ञान, तकनीक और निरंतर अनुसंधान पर आधारित इस अत्याधुनिक प्लांट के प्रारंभ होने से जहाँ क्षेत्रीय चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार को गति मिलेगी, वहीं स्थानीय ग्रामीण व शहरी युवाओं के लिए तकनीकी, वैज्ञानिक और प्रशासनिक स्तर पर सैकड़ों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इकाई के विधिवत शुभारंभ और आगामी विस्तार की आधारशिला रखे जाने पर पीथमपुर व धार क्षेत्र के औद्योगिक संगठनों, व्यापारिक मंडलों और स्थानीय नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। कार्यक्रम के समापन पर निदेशक मंडल द्वारा सभी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोगियों व शासकीय अधिकारियों के प्रति आभार ज्ञापित किया गया। प्रकाश/31 मई 2026