क्षेत्रीय
01-Jun-2026
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- ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर चालू कराया बोरवेल कांकेर(ईएमएस)। जिले के चारामा विकासखंड अंतर्गत कोरतरा के आश्रित ग्राम जामबहार में भीषण पेयजल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव के लगभग 40 परिवार इन दिनों पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कई परिवार दूसरे गांवों से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में मौजूद अधिकांश हैंडपंप और बोरवेल लंबे समय से खराब पड़े हैं। वहीं जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई नल-जल योजना भी फरवरी महीने से बंद पड़ी हुई है। इससे पूरे गांव में पेयजल आपूर्ति लगभग ठप हो गई है और लोगों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन की ओर से मदद नहीं मिलने पर खुद ही समाधान खोजने की कोशिश की। गांव के लोगों ने आपस में चंदा एकत्रित कर एक बंद पड़े बोरवेल की मरम्मत करवाई और उसे चालू कराया। हालांकि यह राहत भी पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि बोरवेल से केवल करीब 10 मिनट तक ही पानी निकलता है, जिसके बाद जलापूर्ति बंद हो जाती है। ऐसे में पूरे गांव की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। पानी भरने के लिए सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार पानी खत्म हो जाने के कारण लोगों को खाली बर्तन लेकर वापस लौटना पड़ता है। गर्मी के इस मौसम में हालात और भी गंभीर हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जल जीवन मिशन की बंद पड़ी योजना को चालू कराने और खराब हैंडपंपों की मरम्मत की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। गांव के लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। पेयजल संकट के कारण न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि गांव में नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजे जाएं, सभी खराब हैंडपंप और बोरवेलों की मरम्मत कराई जाए तथा फरवरी से बंद पड़ी नल-जल योजना को जल्द से जल्द पुनः शुरू किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक पानी पहुंचाने के दावे कर रही है, लेकिन जामबहार जैसे गांवों की स्थिति उन दावों की हकीकत बयां कर रही है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर कब उन्हें इस गंभीर जल संकट से राहत मिलती है। ईएमएस(राकेश गुप्ता)01 जून 2026