क्षेत्रीय
01-Jun-2026
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- तंबाकू मुक्त भारत बनाना हर भारतीय का कर्तव्य : डी.पी. यादव लखनऊ (ईएमएस)। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को दि इस्माइल फाउंडेशन ऑफ इंडिया एवं भारतीय लोक स्वास्थ्य संघ के संयुक्त तत्वावधान में हस्ताक्षर एवं स्वास्थ्य जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर तंबाकू सेवन के विरुद्ध जनजागरण का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर कर तंबाकू मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डी.पी. यादव ने कहा कि तंबाकू मुक्त भारत का निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों तथा अनेक अन्य जानलेवा रोगों का प्रमुख कारण है। विश्व स्तर पर हर वर्ष लाखों लोगों की मृत्यु तंबाकू सेवन से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं तंबाकू से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने तंबाकू जनित बीमारियों और मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से वर्ष 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस की शुरुआत की थी। पहली बार इसे 31 मई 1988 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया गया था। वर्ष 2026 की थीम आकर्षण का पर्दाफाश करना – निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला करना निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को तंबाकू उद्योग के भ्रामक प्रचार, आकर्षक पैकेजिंग और नए निकोटीन उत्पादों के जाल से बचाना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह अभियान युवाओं को तंबाकू और निकोटीन उत्पादों की लत से बचाने तथा उद्योग की भ्रामक रणनीतियों को उजागर करने पर केंद्रित है। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में तंबाकू कंपनियां युवाओं को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रचार-प्रसार और नए उत्पादों का सहारा ले रही हैं। ऐसे में समाज के सभी वर्गों को जागरूक होकर इस चुनौती का सामना करना होगा। उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू विरोधी जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने सरकार से स्वास्थ्य का अधिकार (राइट टू हेल्थ) कानून लागू करने तथा देशभर में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि बेहतर स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है तथा इन दोनों क्षेत्रों में समान अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। अभियान में राधेश्याम यादव (अध्यक्ष, समान शिक्षा संघर्ष मोर्चा), रामेन्द्र, समाजसेवी पवन यादव सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए जनजागरूकता अभियान को गांव-गांव और मोहल्लों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों द्वारा तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों का सेवन न करने, दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ के साथ हुआ। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से तंबाकू मुक्त भारत का सपना अवश्य साकार होगा। - ईएमएस 01 जून, 2026