पटना, (ईएमएस)। सोमवार को जद (यू) के प्रदेश कार्यालय, पटना में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह एवं मंत्री सुनील कुमार द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया। इस दौरान समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन हेतु आवश्यक पहल करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस मौके पर विधानपरिषद में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचतेक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी मौजूद रहे। इस अवसर पर मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि बिहार में पिछले 21 वर्षों से एनडीए की सरकार है, लेकिन कभी भी प्रतिशोध, ईर्ष्या या द्वेष की भावना से कोई कार्य नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण विभाग द्वारा आवास संबंधी सभी कार्रवाई विधिसम्मत एवं नियमानुसार की गई है। राबड़ी देवी वरिष्ठ नेत्री हैं, इसलिए उन्हें भी नियमों का सम्मान करते हुए उनका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी आवास किसी की जागीर नहीं हो सकता और उससे मोह-माया रखना कहीं से भी उचित नहीं है। सरकार निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमानुसार कार्रवाई कर रही है और आगे भी करती रहेगी। राजद द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि 5, देशरत्न मार्ग को अस्थायी रूप से 1, अणे मार्ग परिसर में विलय किया गया है क्योंकि जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उप मुख्यमंत्री थे तो अपने निजी आवास में रहते थे। 5 देशरत्न मार्ग का उपयोग वे विकसित भारत, समृद्ध बिहार एवं सुशासन के संकल्प को पूरा करने के लिए करते थे। अभी भी उसी उद्देश्य को लेकर अस्थायी तौर पर इस आवास को शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा एवं सांसद देवेश चंद्र ठाकुर क्रमशः 24 एम, स्ट्रैंड रोड आवास तथा ट्रेलर रोड आवास संख्या-1 में नियमानुसार आवंटित आवासों में रह रहे हैं और उनके द्वारा निर्धारित किराये का नियमित भुगतान भी किया जाता है। साथ ही उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने 2, देशरत्न मार्ग के स्थान पर 3, सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप उन्हें वह आवास उपलब्ध कराया गया है और वे वर्तमान में वहीं निवास कर रहे हैं। मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म के प्रति उनकी जीरो टाॅलरेंस की नीति है। जो लोग भी इन गतिविधियों में संलिप्त पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में उत्पन्न संकट के कारण पेट्रोलियम पदार्थों के आयात एवं आपूर्ति श्रृंखला पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ-साथ परिवहन लागत पर भी दिखाई दे रहा है। - ०१ जून/२०२६/ईएमएस