-दो सेवानिवृत्त दरोगाओं और पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक को सुनाई सजा वाराणसी,(ईएमएस)। वाराणसी की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने 29 वर्ष पुराने चर्चित पुलिस कस्टडी मौत मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और एक चिकित्सक को दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी दोषियों को कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विशेष न्यायाधीश अमित कुमार तिवारी की अदालत ने सेवानिवृत्त दरोगा नरेंद्र प्रताप सिंह, राधेश्याम सिंह तथा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. के.के. जैन को विभिन्न धाराओं में दोषी पाया। अदालत ने डॉ. जैन को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं नरेंद्र प्रताप सिंह को 10 वर्ष के कारावास और 31 हजार रुपये जुर्माने तथा राधेश्याम सिंह को छह माह के कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। मामला 29 साल पहले पुलिस हिरासत में हुई एक व्यक्ति की मौत से जुड़ा था, जिसे कथित तौर पर आत्महत्या के रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया था। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर दोष सिद्ध माना। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दोषियों से वसूले गए जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि मृतक के परिजनों को मुआवजे के रूप में दी जाए। हिदायत/ईएमएस 01जून26