बेंगलुरु (ईएमएस)। कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता परिवर्तन के बाद अब नई कैबिनेट गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पद पर डी. के. शिवकुमार की ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है, जबकि नई मंत्रिपरिषद में किन नेताओं को जगह मिलेगी, इस पर कांग्रेस नेतृत्व लगातार विचार-विमर्श कर रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट को अंतिम रूप देने के लिए डी. के. शिवकुमार और वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया दिल्ली पहुंचे हैं, जहां शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकें हो रही हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश में जुटी है। इसी कारण मंत्रिमंडल गठन में देरी हो रही है। चर्चा यह भी है कि पहले चरण में सीमित संख्या में मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है, जबकि बाकी विस्तार बाद में किया जाएगा। इस बीच उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी कई नाम चर्चा में हैं। कुछ कांग्रेस नेताओं ने ईश्वर खंड्रे को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई है। पार्टी के भीतर लिंगायत, वोक्कालिगा, दलित और अन्य सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर भी गहन मंथन चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व नहीं चाहता कि नई सरकार के गठन के समय किसी प्रकार का असंतोष सामने आए। इसलिए सभी गुटों को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति बनाई जा रही है। वहीं, सिद्धारमैया समर्थक नेताओं की भूमिका और उनके खेमे को मिलने वाले प्रतिनिधित्व पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब सबकी निगाहें कांग्रेस हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो कर्नाटक की नई राजनीतिक तस्वीर तय करेगा। सुबोध/०१-०६-२०२६