लखनऊ (ईएमएस)। उप्र सरकार ने शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा विभाग की कमान प्रताप सिंह बघेल को सौंप दी है। डॉ. महेंद्र देव के 31 मई को सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त हुआ था। शासन की ओर से जारी आदेश के तहत प्रताप सिंह बघेल को प्रभारी शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सभापति की जिम्मेदारी दी गई है। सोमवार को जारी आदेश के अनुसार अब प्रताप सिंह बघेल प्रयागराज और लखनऊ से संचालित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के कार्यों का संचालन करेंगे। वह इससे पहले प्रभारी शिक्षा निदेशक (बेसिक) के पद पर कार्यरत थे। शिक्षा विभाग में लंबे प्रशासनिक अनुभव वाले बघेल के पास राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी) के निदेशक का दायित्व भी रह चुका है। विभागीय स्तर पर इस नियुक्ति को आगामी शैक्षिक सत्र और माध्यमिक शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शासन द्वारा जारी आदेश में शिक्षा विभाग के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी को प्रभारी शिक्षा निदेशक (बेसिक) नियुक्त किया गया है। चतुर्वेदी इससे पहले प्रभारी निदेशक, साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा के पद पर कार्यरत थे। नए दायित्व के तहत अब वह प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था की निगरानी और संचालन करेंगे। विशेष सचिव शिक्षा कृष्ण कुमार गुप्ता की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन में दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत से पहले किया गया यह बदलाव विभागीय कार्यों मंृ गति लाने और विभिन्न योजनाओं की निगरानी को मजबूत करने में सहायक होगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद के सभापति डॉ. महेंद्र देव का 31 मई को अंतिम कार्य दिवस था। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद परिषद और निदेशालय के शीर्ष पद पर नई नियुक्ति की आवश्यकता थी। शासन ने तत्काल निर्णय लेते हुए प्रताप सिंह बघेल को यह जिम्मेदारी सौंप दी। अनिल भूषण चतुर्वेदी को प्रभारी शिक्षा निदेशक (बेसिक) बनाए जाने के साथ ही प्रदेश की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है। विभागीय स्तर पर उन्हें प्रशासनिक अनुभव वाला अधिकारी माना जाता है और उनसे विभिन्न शैक्षिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा की जा रही है। जितेन्द्र 01 जून 2026