अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत आंदोलनकारियों की जीतः गरिमा दसौनी देहरादून (ईएमएस)। भाजपा के उत्तराखंड महामंत्री संगठन अजेय कुमार की छुट्टी किए जाने और उन्हें राजस्थान का प्रभार दिया गया है। कांग्रेस ने इसे देर आए दुरस्त आए वाली कहावत करार देते हुए कहा कि यह अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत आंदोलनकारियों की जीत है। यहां अजेय कुमार को राजस्थान भेजने के बाद कांग्रेस ने सरकार पर हमला किया है और कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा है कि यह उन लोगों के संघर्ष की जीत है जिन्होंने लगातार अंकिता भारी हत्याकांड को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज उठाई थी। दसौनी ने कहा है कि भाजपा संगठन ने भी माना है कि अंकिता भंडारी मामले में अजेय कुमार किसी न किसी रूप में संलिप्त थे इसलिए उनको राजस्थान भेजा गया है वहीं आज अंकिता भंडारी की आत्मा जरूर खुश हो रही होगी। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी के माता पिता ने सरकार को दिए गए पत्र में अपना शक जाहिर किया था लेकिन उस पर कोई गौर नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच के लिए लिखा था लेकिन जांच कहां तक पहंुची पता नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी एक और आरोपी को उत्तराखंड से बाहर किए जाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने साढे तीन साल तक दुष्यंत गौतम व अजेय कुमार को उत्तराखंड में थोपने का काम किया है और अब विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख अजेय कुमार को उत्तराखंड से बाहर का रास्ता दिखा दिया। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरूण सिंह ने यह पत्र जारी किया गया है। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/01 जून 2026