राष्ट्रीय
02-Jun-2026
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सिर्फ भारतीयों के लिए बनाए गए सख्त नियम नई दिल्ली,(ईएमएस)। सोशल मीडिया पर इन दिनों सिविक सेंस यानी नागरिक शिष्टाचार को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस बार विवाद की वजह स्विट्जरलैंड के एक होटल द्वारा खास तौर पर भारतीय पर्यटकों के लिए बनाए गए बेहद कड़े नियम हैं। जाने-माने उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर इन नियमों की एक सूची साझा करते हुए भारतीय यात्रियों के विदेशों में व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड के एक होटल में केवल भारतीयों के लिए तैयार की गई इस लिस्ट को देखकर वे खुद हैरान रह गए थे। उद्योगपति ने भारतीयों के वैश्विक व्यवहार का उदाहरण देते हुए कहा कि आज रेस्तरां में गरबा करने, हवाई अड्डों पर बहुत तेज आवाज में बात करने और विमान के केबिन को पिकनिक स्पॉट में बदलने के कई वीडियो सामने आ रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि दावोस में एक भारतीय कारोबारी ने क्लब में इतनी तेज आवाज में पंजाबी गाने बजाए कि पूरा शहर परेशान हो गया। इसके विपरीत उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि जापान ने अपने अनुशासन, विनम्रता और नागरिक शिष्टाचार के कारण पूरी दुनिया में सम्मान हासिल किया है। यदि भारत वास्तव में एक वैश्विक महाशक्ति बनना चाहता है, तो भारतीयों को अपनी उत्कृष्टता, दूसरों के प्रति सम्मान और जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ाना होगा और अपने सिविक सेंस को अपग्रेड करना होगा। यह पूरा मामला स्विट्जरलैंड के ग्स्टाड स्थित आर्क-एन-सीएल होटल का है, जहां भारतीयों के लिए खाने के तरीके से लेकर बातचीत करने तक के विशेष नियम लागू किए गए हैं। भोजन से जुड़े नियमों के तहत होटल ने साफ किया है कि सुबह के बुफे का भोजन केवल वहीं खाने के लिए है, उसे साथ लेकर न जाएं। यदि किसी को लंच पैक चाहिए तो उसे अलग से ऑर्डर देकर भुगतान करना होगा। इसके अलावा, बुफे में अन्य मेहमानों की सुविधा का ध्यान रखने और केवल उपलब्ध कराई गई कटलरी का उपयोग करने की हिदायत दी गई है। होटल ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष नियम बनाए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि होटल में दुनिया भर से आए अन्य मेहमान भी ठहरे हुए हैं जो शांति और सुकून चाहते हैं, इसलिए कॉरिडोर में शांत रहें और बालकनी में ऊंची आवाज में बात न करें। इसके साथ ही रात के समय केवल आपातकालीन कॉल ही स्वीकार करने और रूम सर्विस के तय समय का कड़ाई से पालन करने की बात कही गई है। वीरेंद्र/ईएमएस 02 जून 2026