राष्ट्रीय
02-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। आयुष मंत्रालय योग को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए लगातार जागरूक कर रहा है। इसी कड़ी में मंत्रालय ने सेतुबंधासन के लाभों की जानकारी साझा करते हुए लोगों से रोजाना इसका अभ्यास करने की अपील की है। मंत्रालय के अनुसार सेतुबंधासन एक बेहद सरल लेकिन प्रभावी योगासन है, जो गर्दन में अकड़न, कमर के निचले हिस्से में जकड़न और शरीर में लचीलेपन की कमी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। आधुनिक जीवनशैली में लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल पर काम करने, घंटों एक ही जगह बैठे रहने और गलत मुद्रा अपनाने के कारण बड़ी संख्या में लोग पीठ दर्द, गर्दन दर्द और शरीर में तनाव जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं। धीरे-धीरे ये समस्याएं दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगती हैं और लोगों को चलने-फिरने, काम करने तथा आराम करने में भी दिक्कत महसूस होने लगती है। मंत्रालय का कहना है कि सेतुबंधासन इन समस्याओं का एक प्राकृतिक और आसान समाधान हो सकता है। इस आसन को ब्रिज पोज भी कहा जाता है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर का संतुलन बेहतर बनता है। यह आसन गर्दन, कंधों और कमर के निचले हिस्से में खिंचाव पैदा कर वहां जमी जकड़न को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा शरीर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और लचीलापन भी बढ़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक सेतुबंधासन केवल शारीरिक लाभ ही नहीं देता, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। नियमित अभ्यास से तनाव और चिंता कम होती है तथा अनिद्रा जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है। यह आसन शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ाने और थकान कम करने में भी सहायक माना जाता है। आयुष मंत्रालय ने बताया कि यह योगासन सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी है। खासतौर पर डेस्क जॉब करने वाले या लंबे समय तक बैठे रहने वाले लोगों को इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। अच्छी बात यह है कि इस आसन का अभ्यास घर पर भी आसानी से किया जा सकता है और इसके लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सेतुबंधासन का अभ्यास हमेशा सही तरीके से और खाली पेट करना चाहिए। सुदामा/ईएमएस 02 जून 2026