क्षेत्रीय
02-Jun-2026
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रायगढ़(ईएमएस)। जिले में शेयर ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट के जरिए मोटे मुनाफे का लालच देकर एक बड़े साइबर-फाइनेंशियल फ्रॉड का मामला सामने आया है। एक दवा प्रतिनिधि समेत कुल 14 लोगों से करीब 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपए की ठगी की गई है। मामले में कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों में प्रमुख रूप से दवा प्रतिनिधि संजय मिश्रा शामिल हैं। आरोप है कि पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रहने वाले विश्वजीत देवनाथ ने खुद को बड़ा कारोबारी बताते हुए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर लोगों को डीमैट अकाउंट के जरिए पैसा लगाने को कहा। उसने हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज और मूलधन का 10 प्रतिशत रिटर्न देने का वादा किया था। शुरुआत में कुछ महीनों तक निवेशकों को नियमित भुगतान मिलता रहा, जिससे लोगों का भरोसा मजबूत हो गया। इसी भरोसे के आधार पर पीड़ितों ने और अधिक निवेश करना शुरू कर दिया। संजय मिश्रा ने भी बैंक से 12 लाख रुपए का लोन लेकर आरोपी के बताए खाते में रकम जमा कर दी। इसके बाद आरोपी ने धीरे-धीरे भुगतान बंद कर दिया और संपर्क से भी दूरी बनाने लगा। जब पीड़ितों ने अपने पैसे और दस्तावेजों की मांग की, तो वह टालमटोल करता रहा। बाद में किसी भी तरह का रिटर्न या मूलधन वापस नहीं मिला। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस ठगी में कुल 14 लोगों को अलग-अलग रकम निवेश कराने के नाम पर फंसाया गया, जिनमें विकास साहू, राकेश कुमार मनहर, रितेश साव, देव कश्यप, सुनील पाणिग्राही, शिशुपाल, कृष्णा पांडेय, कृष्णा द्विवेदी, राकेश सरकार, लोचन पटेल, मनील गुप्ता, श्रीमंत मिश्रा और अजय वर्मा शामिल हैं जब लंबे समय तक कोई दस्तावेज और डीमैट अकाउंट से जुड़ी जानकारी नहीं मिली, तब निवेशकों को शक हुआ और उन्होंने कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और बैंकिंग लेन-देन व डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)02 जून 2026