रायपुर(ईएमएस)। जिले के धान खरीदी केंद्रों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें दर्ज खरीदी के मुकाबले बड़ी मात्रा में धान गायब पाया गया है जांच के अनुसार रायपुर जिले की 12 सहकारी समितियों में कुल 6590 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल रिकॉर्ड की त्रुटि नहीं बल्कि गंभीर वित्तीय अनियमितता और संभावित चोरी का मामला है। खाद्य विभाग के अनुसार समितियों ने कागजों में जितनी धान खरीदी दिखाई थी, उतनी मात्रा मिलरों को वास्तविक रूप से नहीं सौंपी गई। यही वजह है कि भंडारण और वितरण रिकॉर्ड में भारी अंतर सामने आया है। जांच टीम को आशंका है कि इस प्रक्रिया में धान के हेरफेर के साथ-साथ मिलिंग सिस्टम का दुरुपयोग भी किया गया है। कुछ मामलों में बिना वास्तविक मिलिंग के ही कागजों पर चावल की डिलीवरी दिखाकर सरकारी भुगतान प्राप्त करने की बात भी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर और खाद्य विभाग के नोडल अधिकारी कीर्तिमान राठौर को दोषी समितियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। अब तक 12 में से 4 समितियों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जबकि शेष 8 समितियों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को पत्र भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार इसी सप्ताह सभी मामलों में कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। मानसून को देखते हुए प्रशासन धान खरीदी केंद्रों को जल्द खाली कराने और भंडारण में रखे अनाज को सुरक्षित करने के लिए लगातार भौतिक सत्यापन कर रहा है। इसी दौरान यह गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद संबंधित प्रभारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। हालांकि जवाब असंतोषजनक और गोलमोल पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मिलर्स कागजों पर धान की मिलिंग दिखाकर सरकार से मिलने वाला प्रोत्साहन (मिलिंग चार्ज) प्राप्त कर लेते हैं। इसके बाद बचा हुआ धान या चावल खुले बाजार में बेचने की आशंका जताई जा रही है, जिससे सरकारी सिस्टम को दोहरी आर्थिक क्षति हो रही है अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर ने कहा कि जिले के दर्जनभर धान खरीदी केंद्रों में भौतिक सत्यापन के दौरान भारी गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन समितियों में अनियमितता पाई गई है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सत्यप्रकाश(ईएमएस)02 जून 2026