राष्ट्रीय
02-Jun-2026
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हिजाब बैन से लेकर सैन्य महिला अधिकारियों के मामलों तक की पैरवी -शीर्ष अदालत में महिला जजों की संख्या बढ़कर दो होगी नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश की वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना को सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश नियुक्त किए जाने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। केंद्र सरकार द्वारा कॉलेजियम की सिफारिश स्वीकार किए जाने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने से उनकी नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। खास बात यह है कि वी. मोहना बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज बनने वाली दूसरी महिला होंगी। इससे पहले वर्ष 2018 में जस्टिस इंदु मल्होत्रा को वकालत से सीधे शीर्ष अदालत में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 59 वर्षीय वी. मोहना का न्यायिक और विधिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने वर्ष 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की और तब से लगातार वकालत कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2015 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर एडवोकेट) का दर्जा प्रदान किया था। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और चर्चित मामलों में पक्ष रखा। इनमें सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों की सेवा शर्तों से जुड़े मामले, वरिष्ठ नागरिकों के संपत्ति अधिकारों से संबंधित विवाद तथा कर्नाटक में हिजाब प्रतिबंध से जुड़े प्रकरण प्रमुख रहे हैं। वी. मोहना की नियुक्ति के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर दो हो जाएगी। पिछले कई महीनों से जस्टिस बी. वी. नागरत्ना शीर्ष अदालत की एकमात्र महिला जज थीं। जस्टिस नागरत्ना अगस्त 2021 से सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत हैं और वर्ष 2027 में देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनने की संभावना रखती हैं। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में वी. मोहना 12वीं महिला न्यायाधीश होंगी। इससे पहले जस्टिस एम. फातिमा बीवी 1989 में शीर्ष अदालत की पहली महिला जज बनी थीं। वहीं, जस्टिस इंदु मल्होत्रा बार से सीधे नियुक्त होने वाली पहली महिला न्यायाधीश थीं। गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी है। वी. मोहना के अलावा मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा तथा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली को भी सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया है। इन नियुक्तियों के बाद शीर्ष अदालत में रिक्त पदों की संख्या घटकर मात्र एक रह जाएगी। हिदायत/ईएमएस 02जून26