खेल
02-Jun-2026
...


इंदौर (ईएमएस)। आईपीएल 2026 में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से सबको हैरान करने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को मिली सफलता से सभी हैरान हैं। प्रशंसकों को ये समझ नहीं आ रहा है कि इतनी कम उम्र में कोई इतना सफल कैसे हो सकता है। इसी को देखते हुए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) इंदौर ने वैभव के मामले को दुर्लभ मानते हुए अध्ययन का फैसला किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार अपनी उम्र से कहीं बेहतर बल्लेबाजी क्षमता और छक्के मारने की कला के पीछे के रहस्यों का खुलासा करने के लिए खेल, मनोविज्ञान और प्रबंधन के शीर्ष विशेषज्ञ एक साथ काम करेंगे। किसी खिलाड़ी पर आधारित यह देश का पहला अध्ययन होगा जिसमें ये जानने का प्रयास किया जाएगा कि इतनी कम उम्र के बाद भी वह मैचों के दौरान विपरीत हालातों के बीच भी दबाव में क्यों नहीं आते। , वैभव ने आईपीएल सत्र में सबसे अधिक 72 छक्के लगाकर वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा था। इसके अलावा 700 से अधिक रन बनाये। वह इस सत्र में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। ये अध्ययन केवल वैभव की खेल उपलब्धियों का ही विश्लेषण नहीं करेगी, बल्कि उन सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक और संस्थागत कारकों को भी गहराई से समझने की कोशिश करेगी जो कम उम्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को आकार देने में सहायक साबित होते हैं। संस्थान का मानना है कि वैभव की क्रिकेट यात्रा के पीछे व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ कड़ी मेहनत, परिवार का त्याग, समर्पण और मेंटर्स का योगदान भी बेहद अहम रहा है। यह शोध केवल सफलता पर ही केंद्रित नहीं होगा, बल्कि प्रतिभा के विपरीत प्रभाव को भी सामने लायेगा। आम तौर पर देखा जाता है कि बेहद कम उम्र में मिलने वाली भारी प्रसिद्धि, करोड़ों रुपये के आकर्षक ऑफर और सोशल मीडिया का अनियंत्रित दबाव युवा प्रतिभाओं को विचलित कर देता है। इसके चलते कई खिलाड़ी मानसिक थकान और अत्यधिक अपेक्षाओं के बोझ तले दबकर अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाते। इस अध्ययन के माध्यम से एक ऐसे इकोसिस्टम का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा, जो कॉर्पोरेट जगत को भी प्रतिभा प्रबंधन का एक बिल्कुल नया और प्रभावी मॉडल प्रदान करेगा। ईएमएस 02जून 2026