क्षेत्रीय
02-Jun-2026
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- जनसुनवाई में गूंजा विरोध, शराब दुकान हटाने की मांग तेज शराबियों से त्रस्त महिलाएं, प्रशासन के खिलाफ बढ़ा गुस्सा बालाघाट (ईएमएस). शहर के वार्ड क्रमांक-12 बूढ़ी में शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं ने साफ कहा— अब सिर्फ आश्वासन नहीं, शराब दुकान हटाने की ठोस कार्रवाई चाहिए, वरना आंदोलन उग्र होगा। शराबियों से त्रस्त महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश भी जाहिर किया है। नगर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-12 बूढ़ी की महिलाओं ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में जनसुनवाई के दौरान शराब दुकान के खिलाफ जमकर विरोध जताया और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि रिहायशी इलाके में संचालित शराब दुकान ने पूरे क्षेत्र का माहौल बिगाड़ दिया है। शराब दुकान के बाहर दिनभर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बढ़ रही असामाजिक गतिविधियां महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र में घरेलू हिंसा, मारपीट और असामाजिक गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई बार शराब के नशे में लोग सडक़ों और सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करते हैं, जिससे आम लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और युवाओं पर पड़ रहा है, जो गलत माहौल में पलने को मजबूर हैं। वहीं कई परिवार शराब की लत के चलते आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं, जहां घर की कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में बर्बाद हो रहा है। जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप महिलाओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि वे लंबे समय से शराब दुकान हटाने की मांग कर रही हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है। आक्रोशित महिलाओं ने दो टूक कहा कि अब वे पीछे हटने वाली नहीं हैं। जब तक शराब दुकान को क्षेत्र से हटाया नहीं जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। आबादी क्षेत्र से हटाई जाए शराब दुकान महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्र से शराब दुकान को तत्काल हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्वस्थ सामाजिक वातावरण बहाल हो सके। जनसुनवाई में महिलाओं के तेवर देख प्रशासन भी सतर्क नजर आया। अब देखना होगा कि प्रशासन इस बढ़ते विरोध के बीच क्या निर्णय लेता है। भानेश साकुरे / 02 जून 2026