अलीगढ़ (ईएमएस)। एएमयू के पश्चिम एशियाई एवं उत्तरी अफ्रीकी अध्ययन विभाग के शिक्षक डॉ. अजीजुर रहमान आजमी को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) द्वारा एक शोध परियोजना प्रदान की गई है। यह परियोजना ‘सोशल रेमिटेंस इन द एज ऑफ डिजिटल सोसाइटीः गल्फ माइग्रेशन एंड चेंजिंग रिलिजियस ओरिएंटेशंस अमंग मुस्लिम्स इन उत्तर प्रदेश’ विषय पर आधारित है। इस शोध परियोजना में खाड़ी देशों में प्रवासन और व्हाट्सएप, यूट्यूब तथा फेसबुक जैसे डिजिटल मंचों के बढ़ते उपयोग का उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समुदाय की धार्मिक मान्यताओं, आचरण और पहचान पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। गुणात्मक क्षेत्रीय अध्ययन (क्वालिटेटिव फील्डवर्क) और डिजिटल नृवंशविज्ञान (डिजिटल एथ्नोग्राफी) के माध्यम से यह शोध ‘सोशल रेमिटेंस’ अर्थात प्रवासियों द्वारा विचारों, मूल्यों और सामाजिक व्यवहारों के हस्तांतरण की भूमिका का विश्लेषण करेगा। अध्ययन में यह देखा जाएगा कि ये बदलाव धार्मिक नेतृत्व, सामुदायिक संबंधों और समकालीन इस्लामी परंपराओं को किस प्रकार प्रभावित कर रहे हैं, विशेषकर ऐसे दौर में जब डिजिटल माध्यमों ने समाज को पहले से अधिक परस्पर जुड़ा हुआ बना दिया है। यह शोध समकालीन भारत में प्रवासन, डिजिटल संचार और धार्मिक परिवर्तन के बीच जटिल संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। साथ ही, यह अध्ययन प्रवासन, धर्म और डिजिटल समाज के क्षेत्र में कार्य कर रहे शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों तथा नीति-निर्माताओं के लिए उपयोगी जानकारियां उपलब्ध कराएगा। ईएमएस/ धर्मेन्द्र राघव/ 02 जून 2026