क्षेत्रीय
02-Jun-2026
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केमिकल वेस्ट से जमीन खराब होने और अंतिम संस्कार प्रभावित होने की आशंका बालाघाट (ईएमएस). जिले के मोहगांव-मलाजखंड नगर क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड क्रमांक 8 बंजारीटोला के रहवासियों ने शमशान भूमि पर प्लांट बनाए जाने का विरोध करते हुए कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है। नगरपालिका मोहगांव-मलाजखंड के वार्ड क्रमांक 8 बंजारीटोला में प्रस्तावित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण को लेकर स्थानीय रहवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। मंगलवार को आधा सैकड़ा से अधिक वार्डवासी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्लांट को अन्य स्थान पर स्थापित करने की मांग की। शमशाम घाट के लिए आरक्षित है भूमि रहवासियों का कहना है कि जिस भूमि पर प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, वह शमशान घाट के लिए आरक्षित है। ऐसे में यदि वहां प्लांट बनाया जाता है तो अंतिम संस्कार जैसी परंपरागत व्यवस्था प्रभावित होगी। साथ ही प्लांट से निकलने वाले केमिकल युक्त वेस्ट से आसपास की जमीनों के खराब होने का भी खतरा बना रहेगा। प्लांट को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग वार्ड निवासी लौकेश मात्रे ने बताया कि उनकी मांग है कि शमशान घाट के लिए आरक्षित भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाए और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी सीएमओ से चर्चा की गई थी, जिसमें आश्वासन दिया गया था कि शमशान के लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन प्रस्तावित भूमि पर्याप्त नहीं है। कृषि भूमि को नुकसान होने की संभावना रहवासियों ने यह भी आशंका जताई कि सीवरेज वॉटर के केमिकल ट्रीटमेंट से निकलने वाला अपशिष्ट आसपास की कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे किसानों को हानि होगी। इसके चलते वार्डवासी प्लांट के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। नपा प्रबंधन नहीं हैं गंभीर वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण विषय पर नगरपालिका प्रशासन या वार्ड पार्षद द्वारा उनसे कोई पूर्व चर्चा नहीं की गई, जिससे असंतोष और बढ़ गया है। फिलहाल वार्डवासियों के विरोध के बाद यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण प्रस्तावित स्थान पर ही होगा या फिर इसे अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा।