- बैठक में निर्देश देतीं कलेक्टर। शाजापुर (ईएमएस)। आगामी मानसून और संभावित बाढ़ के खतरों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को कलेक्टर ऋजु बाफना की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि वर्षाकाल के दौरान जिले में किसी भी तरह की जनहानि या अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले में 15 जून से 24 घंटे सक्रिय रहने वाला बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारी और नगरीय व पंचायत निकायों के सीईओ को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों को तुरंत चिह्नित कर उन्हें गिराने की कार्रवाई करें। इसके साथ ही, नगरीय क्षेत्रों और बड़ी पंचायतों में एक सप्ताह के भीतर नालियों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों को अहम जिम्मेदारियां सौंपते हुए कलेक्टर ने होमगार्ड और पुलिस विभाग को मोटर बोट, तैराकों व बचाव सामग्री की सूची तैयार कर मॉकड्रिल करने को कहा। जलमग्न होने वाले पुलों पर बैरियर, चेतावनी संकेत लगाने और वहां आवागमन सख्ती से रोकने की जिम्मेदारी लोक निर्माण, पुलिस विभाग को दी गई है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ जनित बीमारियों से बचाव के लिए मेडिकल टीमें गठित करने व दवाइयों का स्टॉक रखने तथा पीएचई विभाग को पेयजल स्रोतों के शुद्धिकरण के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, खाद्य आपूर्ति विभाग को राशन दुकानों पर पर्याप्त अनाज का भंडारण करने, परिवहन विभाग को आपात निकासी के लिए वाहन चिह्नित करने और ऊर्जा विभाग को बारिश से पहले जर्जर बिजली लाइनों की मरम्मत करने को कहा गया। जल संसाधन विभाग संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों को चिह्नित करेगा, पशुपालन विभाग पशुओं के लिए दवाओं का प्रबंध करेगा, और जनसंपर्क विभाग भ्रामक खबरों व अफवाहों पर अंकुश लगाएगा। इस अवसर पर एसडीएम शाजापुर मनीषा वास्कले, भू-अभिलेख अधीक्षक अनामिका आर्य प्रमुख रूप से उपस्थित थीं। वहीं, पुलिस अधीक्षकयशपाल सिंह राजपूत, गुलाना एसडीएम नेहा गंगारे, होमगार्ड कमांडेंट विक्रम सिंह मालवीय सहित अन्य अधिकारी वर्चुअली (ऑनलाइन) माध्यम से बैठक में शामिल हुए।