वरिष्ठ साहित्यकार का स्वागत किया गया। शाजापुर (ईएमएस)। अखिल भारतीय साहित्य परिषद शाजापुर द्वारा ए.बी. रोड स्थित पारिजात निवास पर पंच परिवर्तन पर केंद्रित काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक संध्या में राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और सांगठनिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन में जहां ओजस्वी कविताओं ने श्रोताओं में जोश भरा, वहीं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. दुर्गाप्रसाद झाला की नई पुस्तक का विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन व सरस्वती वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि एवं परिषद के महामंत्री योगेश उपाध्याय ने स्वबोध से विश्वबोध विषय पर अपने विचार रखे। अध्यक्षता कर रहीं संतोष शर्मा ने राष्ट्रीय एकात्मकता का सुमधुर गीत प्रस्तुत कर माहौल को रसमय कर दिया। पुस्तक का लोकार्पण व बशीर बद्र को श्रद्धांजलि गोष्ठी के विशेष आकर्षण के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दुर्गाप्रसाद झाला की नवीन कृति ‘शब्द की नदी’ का लोकार्पण विशिष्ट अतिथि डॉ. जगदीश भावसार द्वारा किया गया। उन्होंने इसे समकालीन साहित्य की बड़ी उपलब्धि बताया। इसी मंच से उपस्थित रचनाकारों ने मशहूर गजलकार स्व. डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की। कवि सम्मेलन में सुरेशचंद्र शर्मा, बृज व्यास, संजय बोराडे, सनातनी हरिओम पाटीदार, सज्जाद अहमद कुरैशी, राजेन्द्र सक्सेना, मोहाडकर, मशहूर शाजापुरी, कैलाश गौड़ और जितेन्द्र देवतवाल ने राष्ट्रप्रेम, कौमी एकता, पर्यावरण, अनुशासन और कुटुंब प्रबोधन जैसे विषयों पर अपनी शानदार रचनाएं प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।