लंदन(ईएमएस)। ब्रिटेन में कथित तौर पर सक्रिय रहे ग्रूमिंग गैंग और बाल यौन शोषण के मामलों को लेकर एक बार फिर चौंकाने वाले और बेहद दर्दनाक खुलासे हुए हैं। ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने संसद में दिए गए अपने संबोधन में कई पीड़िताओं की गवाहियों का हवाला देते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक संगठित गिरोहों ने नाबालिग लड़कियों का बेरहमी से यौन शोषण किया और इस पूरी अवधि के दौरान प्रशासनिक व संस्थागत स्तर पर भी गंभीर लापरवाहियां और विफलताएं देखने को मिलीं। सांसद रूपर्ट लोव ने संसद के सामने इन मामलों को रखते हुए कहा कि एक स्वतंत्र जांच के दौरान जो गवाहियां सामने आईं, वे इतनी भयावह थीं कि उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने लाना बेहद जरूरी था। उन्होंने संसद से पूरी ईमानदारी के साथ अपील की कि इन बहादुर पीड़िताओं की आवाज को अनसुना न किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार की पूर्व जांच रिपोर्टों और इन गवाहियों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाने वाले इन आपराधिक गिरोहों में मुख्य रूप से पाकिस्तानी मूल के कुछ टैक्सी ड्राइवर और दुकानदार शामिल थे। संसद में पेश की गई इन गवाहियों में गंभीर यौन शोषण, बेहद कम उम्र में जबरन प्रेगनेंसी, डराने-धमकाने और स्थानीय पुलिस के कथित दुर्व्यवहार का ज़िक्र किया गया है। लोव ने कहा कि दुनिया को वह सब सुनना चाहिए जो स्वतंत्र रेप गैंग जांच की दो हफ्तों की सुनवाई के दौरान सामने आया है। संसद में जो गवाहियां रखी गईं, उनमें से एक पीड़िता ने अपनी दर्दनाक आपबीती बताते हुए कहा कि जब वह महज 12-13 साल की थी, तब उसके साथ अमानवीय तरीके से जबरदस्ती की गई। वहीं, एक अन्य पीड़िता की गवाही के अनुसार, आरोपियों द्वारा नस्लवादी टिप्पणियां भी की जाती थीं। एक अन्य दिल दहला देने वाले बयान में पीड़िता ने दावा किया कि जब वह 13 साल की थी, तब से लेकर अगले तीन सालों के दौरान सैकड़ों अलग-अलग पुरुषों ने उसका यौन उत्पीड़न किया। एक अन्य पीड़ित ने बताया कि बंधक बनाकर रखी गई लड़कियों को अमानवीय स्थितियों में पिंजरों तक में बंद करके रखा जाता था। इस पूरे ग्रूमिंग गैंग पैटर्न की बात करें तो वर्ष 2025 में रूपर्ट लोव के नेतृत्व में हुई एक निजी जांच के दौरान पूरे यूके के कम से कम 85 इलाकों में इस तरह के गैंग आधारित बाल यौन शोषण की पहचान की गई थी। जांच रिपोर्टों के मुताबिक, इस नेटवर्क में एक खास पैटर्न और सरकारी संस्थाओं की घोर लापरवाही साफ तौर पर देखी जा सकती है। ब्रिटेन में इस तरह के ग्रूमिंग गैंग्स का इतिहास पुराना रहा है। सबसे पहले 2002 में वेस्ट यॉर्कशायर के कीथली क्षेत्र से ऐसी चेतावनी सामने आई थी। इसके बाद साल 2010 में साउथ यॉर्कशायर के रॉदरहैम में कम उम्र की लड़कियों के साथ हुए अपराधों के मामले में एक समूह को दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद इस पूरे संगठित नेटवर्क और इसके तौर-तरीकों का देशव्यापी खुलासा हुआ था। वीरेंद्र/ईएमएस/03जून2026