साइप्रस-भारत रक्षा सहयोग पर बढ़ी चिंता अंकारा,(ईएमएस)। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और तुर्की के संबंधों में आई दूरी के बीच तुर्की ने रिश्ते सुधारने के संकेत दिए हैं। तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ बेहतर और सकारात्मक संबंध चाहता है तथा दोनों देशों के रिश्तों को पाकिस्तान के साथ तुर्की की मित्रता के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान भारत-तुर्की संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में फिदान ने कहा कि पाकिस्तान के साथ तुर्की के अच्छे संबंध हैं, लेकिन इसका असर भारत और तुर्की के द्विपक्षीय संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर कोई बड़ा विवाद नहीं है और अंकारा नई दिल्ली के साथ सहयोग बढ़ाने को बेकरार है। बात दें कि तुर्की विदेश मंत्री फिदान का यह बयान तब आया है, जब साइप्रस और भारत के बीच संभावित रक्षा सहयोग को लेकर तुर्की में चिंता बढ़ती दिख रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, साइप्रस ने भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, कामिकाज ड्रोन और अन्य मानवरहित हवाई प्रणालियों की खरीद में रुचि दिखाई है। इस विषय पर हाल ही में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स की भारत यात्रा के दौरान भी चर्चा हुई थी। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह रक्षा सौदा आगे बढ़ता है, तब पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में भारत निर्मित आधुनिक हथियार प्रणालियों की पहली बड़ी तैनाती होगी। इससे क्षेत्रीय सामरिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है। तुर्की लंबे समय से साइप्रस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है और उत्तरी साइप्रस को लेकर उसका रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा है। इसके बाद भारत और साइप्रस के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग अंकारा के लिए रणनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में तुर्की ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के पक्ष का समर्थन किया था, जिसके कारण भारत और तुर्की के संबंधों में तनाव देखा गया। हालांकि अब तुर्की की ओर से आए ताजा बयान को दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आशीष दुबे / 03 जून 2026