क्षेत्रीय
03-Jun-2026


नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट मार्ग पर धरने पर बैठे संविदा कर्मी, 8 जून को भोपाल में महाआंदोलन मंडला (ईएमएस)। जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के पहले ही दिन से जिले भर में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक और सीधा असर दिखाई देने लगा है। वर्तमान में सभी आंदोलनकारी संविदा कर्मी कलेक्ट्रेट मार्ग पर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए हैं। जिले के बाद आगामी 8 जून को पूरे प्रदेश के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी राजधानी भोपाल पहुंचकर राज्य स्तरीय विशाल प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करेंगे। टीकाकरण और ऑनलाइन रिपोर्टिंग सहित राष्ट्रीय कार्यक्रम ठप  मंगलवार से शुरू हुई इस बेमियादी हड़ताल में जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों से आकर कर्मचारी शामिल हुए। संविदा कर्मियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने के कारण मैदानी से लेकर कार्यालयीन व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। हड़ताल के कारण मुख्य रूप से बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, ऑफलाइन व ऑनलाइन रिपोर्टिंग, दवा वितरण, स्टाफ नर्स की सेवाएं तथा ब्लॉक से लेकर जिला स्तरीय कार्यालयों के प्रशासनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने की मांग  संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने बताया कि चरणबद्ध आंदोलन के बाद आज से यह अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। उन्होंने संविदा कर्मियों की मुख्य मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी को दशहरा मैदान भोपाल में की गई घोषणाओं को तत्काल पूरा किया जाए। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें में संविदा कर्मचारियों का पूर्ण नियमितीकरण किया जाए। वर्ष 2023 की नीति के तहत एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि और नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता दिया जाए। सीएचओ के वेतन में पीबीआई का समायोजन किया जाए और वेतन विसंगति दूर की जाए। समान कार्य-समान वेतन लागू करने के साथ नियमित कर्मचारियों की तरह ही अवकाश की पात्रता दी जाए। सार्थक ऐप को तुरंत बंद किया जाए और शोषणकारी नीति के तहत की जा रही अप्रैजल प्रक्रिया का पूरी तरह खात्मा हो। मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन  हड़ताल के पहले दिन धरना स्थल पर संगठन की मजबूती के लिए कार्यकारिणी का विस्तार भी किया गया, जिसमें नए पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए। जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल किसी एक जिले में नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में एक साथ की जा रही है। आंदोलनकारी कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक सरकार उनकी जायज मांगें पूरी नहीं करती, तब तक उनका यह उग्र आंदोलन और धरना प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। ईएमएस/ मोहने/ 03 जून 2026