जबलपुर (ईएमएस)। बिना वैधानिक अनुमति चिकित्सा संस्थान जैसा स्वरूप प्रदर्शित करने और भ्रामक प्रचार करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में नेपियर टाउन स्थित एक सलून के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान के नाम में अनधिकृत रूप से “क्लिनिक” शब्द का उपयोग किया जा रहा था। शिकायत मिलने पर गठित टीम ने जांच की और तत्काल प्रभाव से साइन बोर्ड एवं नाम से यह शब्द हटवा दिया। जांच में यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान में केवल सैलून संबंधी सेवाएं संचालित हो रही थीं तथा कोई पंजीकृत त्वचा रोग विशेषज्ञ या अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद नहीं था। संचालक ने लिखित रूप से स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए उपचार संबंधी वीडियो उनकी संस्था के नहीं थे और भविष्य में ऐसी त्रुटि नहीं दोहराने का आश्वासन दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीयन और अनुमति के किसी भी संस्था द्वारा स्वयं को क्लिनिक या अस्पताल के रूप में प्रस्तुत करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रतिष्ठान को सील भी किया जा सकता है।