क्षेत्रीय
03-Jun-2026
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बैहर में फर्जी बीज कारोबार का पर्दाफाश बगैर लाइसेंस गांव-गांव घूमकर किसानों को बेचे जा रहे थे बीज सानू पटले और पलक बिसेन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने लिखा पत्र बालाघाट (ईएमएस). जिले के बैहर विकासखंड में बिना वैध अनुज्ञप्ति के धान बीजों की अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। कृषि विभाग ने इसे गंभीर मानते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। विकासखंड बैहर के विभिन्न ग्रामों में बिना वैध लाइसेंस के धान बीज बेचने के मामले में कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग को शिकायत मिली थी कि 31 मई को ग्राम गोहारा तथा 1 जून को ग्राम भंडेरी के काशीटोला और ग्राम पोला-पटपरी में कृषक साथी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, बैहर के प्रोपराइटर सानू पटले एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा वाहन क्रमांक एमपी 50 जेडजी 6496 के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को धान बीज बेचे जा रहे हैं। बीजों का कराया सत्यापन शिकायत के बाद अनुविभागीय कृषि अधिकारी (एसडीओ) एसआर धुर्वे ने 2 जून को ग्राम काशीटोला और पोला-पटपरी तथा 3 जून को ग्राम गोहारा पहुंचकर किसानों के घरों में वितरित बीजों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान पंचनामा तैयार कर तथ्यों का संकलन किया गया। प्राथमिक जांच में पाया गया कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा विभिन्न कंपनियों—केशव खनक सीड्स प्राइवेट लिमिटेड (गोंदिया), जयकुंड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड (वडोदरा), जीनोमिक्स एग्री जेनेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (सिकंदराबाद) तथा सुमनजली सीड्स एंड फार्मर्स (हनमकोंडा)—के धान बीज बिना वैध अनुज्ञप्ति के बेचे जा रहे थे। इन धाराओं के तहत होगी कार्यवाही जांच प्रतिवेदन में पुष्टि हुई है कि वाहन के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अवैधानिक तरीके से बीजों की बिक्री की जा रही थी। कृषि विभाग के अनुसार यह कृत्य किसानों के साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7, बीज अधिनियम 1966 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 का उल्लंघन है। कार्यवाही के लिए बैहर थाना को लिखा पत्र मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ कृषि एसआर धुर्वे ने सानू पटले (निवासी भीकेवाड़ा, तहसील परसवाड़ा), पलक बिसेन (निवासी भंडेरी, तहसील बैहर) तथा वाहन मालिक कुंजेलाल/नुरेलाल हिरवाने (निवासी भोरवाही लिंगा, विकासखंड परसवाड़ा) के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज करने के लिए थाना बैहर को पत्र भेजा है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही प्रमाणित बीज खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल विभाग को दें। संगठित गिरोह के रुप में देते हैं अंजाम जिले में खरीफ सीजन शुरू होते ही अमानक धान बीज के काले कारोबार ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। बगैर अनुमति और बिना वैध लाइसेंस के यह अवैध व्यापार गांव-गांव में संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बीज का अवैध कारोबार करने वाले लोग संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हैं और सुनियोजित ढंग से किसानों को अपने जाल में फंसाते हैं। ये गिरोह किसानों को आकर्षक दावे और अधिक उत्पादन का लालच देकर अमानक बीज बेचते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। खासतौर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल रही हैं। हालांकि कृषि विभाग समय-समय पर ऐसे मामलों में कार्रवाई करता है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। विभागीय कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए यह गतिविधियां थमती जरूर हैं, लेकिन सीजन शुरू होते ही फिर से सक्रिय हो जाती हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को प्रमाणित और अधिकृत विक्रेताओं से ही बीज खरीदना चाहिए। वहीं प्रशासन से इस काले कारोबार पर स्थायी रोक लगाने के लिए सख्त और निरंतर कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।