:: दशा नीमा समाज द्वारा मालगंज स्थित नवश्रृंगारित धर्मशाला पर धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव :: इंदौर (ईएमएस)। जब-जब धर्म की हानि होती है, भगवान भारत भूमि पर अवश्य अवतार लेते हैं। भगवान कृष्ण ने समाज की राक्षसी प्रवृत्तियों के नाश के लिए ही पृथ्वी पर अवतार लिया था। आज हजारों वर्ष बाद भी भगवान कृष्ण और राम के चरित्र वन्दनीय और पूजनीय बने हुए हैं क्योंकि भक्तों की रक्षा करने का उनका संकल्प हमें आज भी अनुभूत होता है। अब वक्त आ गया है कि हम सनातन और वैष्णव धर्म की मजबूती के लिए एकजुट होकर काम करें। यह दिव्य विचार प्रख्यात भागवताचार्य पं. आदित्य मुखिया ने बुधवार को व्यक्त किए। वे दशा नीमा पंचायत ट्रस्ट द्वारा मालगंज चौराहा स्थित नवश्रृंगारित धर्मशाला भवन पर ट्रस्ट के हीरक जयंती महोत्सव एवं पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में वामन अवतार, श्रीराम अवतार, कृष्ण जन्म एवं नंद महोत्सव प्रसंगों की व्याख्या कर रहे थे। पं. मुखिया ने कहा कि राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं तो कृष्ण लीलाधर और योगेश्वर। राम ने जहाँ समाज को अन्त्योदय का सन्देश दिया, वहीं कृष्ण ने कंस प्रवृत्ति का नाश कर आतंकवाद के खात्मे का मार्ग दिखाया। जब तक हम संगठित नहीं होंगे, आसुरी प्रवृत्तियां अपना तांडव करती रहेंगी। कथा में बुधवार को कृष्ण जन्म का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। नंद में आनंद भयो जय कन्हैयालाल की भजन पर समूचा कथा स्थल थिरक उठा। श्रद्धालुओं ने मंत्रमुग्ध होकर भजनों का आनंद लिया और माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। बुरहानपुर के भजन गायक विपिन पुरोहित, शुभम शर्मा और साथियों की संगत ने उत्सव का उल्लास बढ़ा दिया। भक्तों की भारी भीड़ के कारण कथा स्थल पर एलईडी स्क्रीन लगानी पड़ी। बुधवार को मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ एवं पार्षद श्रीमती मीता रामबाबू राठौर ने ट्रस्ट के अध्यक्ष सत्यनारायण नीमा, संयोजक सतीश नीमा “मालक”, वरिष्ठ ट्रस्टी महेश नीमा गामा व अनिल एन नीमा आदि के साथ व्यास पीठ का पूजन किया। इससे पूर्व गिरधरगोपाल नीमा एवं कमल कुमार नीमा ने भागवत जी का पूजन किया। विद्वान वक्ता की अगवानी नीमा युवा मंच के अध्यक्ष वल्लभ नीमा व साथियों ने की, जबकि मातृशक्ति की ओर से श्रीमती ममता नीमा, सुषमा नीमा व अन्य ने आरती की व्यवस्थाएं संभाली। :: आज बाल लीला और गोवर्धन पूजा :: संयोजक सतीश नीमा मालक एवं अध्यक्ष सत्यनारायण नीमा ने बताया कि कथा प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक चल रही है। आज गुरुवार 4 जून को बाल लीला एवं गोवर्धन पूजा प्रसंगों की विशेष कथा होगी। इसके बाद शुक्रवार 5 जून को रासलीला व रुक्मणी विवाह उत्सव तथा शनिवार 6 जून को सुदामा चरित्र प्रसंग के साथ कथा की पूर्णाहुति होगी। प्रकाश/03 जून 2026