- दो गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में कल्याण, (ईएमएस)। मुंबई से सटे कल्याण शहर के काला तलाव क्षेत्र में कचरा फेंकने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक मोमोज स्टॉल संचालक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किए जाने की घटना सामने आई है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, काला तलाव क्षेत्र के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ओंकार विठ्ठल सुरवसे मोमोज का स्टॉल लगाकर व्यवसाय करते हैं। रात के समय दुकान बंद करने के बाद जब वे घर लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि मुरलीधर नाडेकर, उनके नाबालिग पोते, भावेश नाडेकर और हरीश प्रजापति ने मिलकर ओंकार सुरवसे पर हमला किया। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने ओंकार सुरवसे पर धारदार हथियार से कई वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच दुकान के कचरे को लेकर विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने ओंकार से पूछा था कि, तुम अपनी दुकान का कचरा हमारी दुकान के पास क्यों फेंकते हो? इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे केवल कचरे का विवाद था या फिर दोनों स्टॉल संचालकों के बीच पहले से चल रही व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और आपसी मतभेद भी इसकी वजह थे। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों दुकानदारों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। इसलिए पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से जांच रही है। वहीं महात्मा फुले पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को कल्याण की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। वहीं मामले में शामिल नाबालिग को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। फ़िलहाल महात्मा फुले पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमले का वास्तविक कारण कचरा फेंकने का विवाद था या फिर इसके पीछे लंबे समय से चली आ रही व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता भी जिम्मेदार थी। - ०४ जून/२०२६/ईएमएस