झाँसी (ईएमएस ) नगर निगम झांसी द्वारा अब संपत्ति के नामांतरण के लिए नई दरें लागू कर दी गई हैं।नगर निगम द्वारा अब तक संपत्ति की मिलकिएत का एक प्रतिशत नामांकन शुल्क वसूला जाता था। कार्यकारिणी और शासन की मंजूरी मिलने के बाद नई दरों को लागू किया गया है।अब झांसी नगर निगम में संपत्ति का नामांतरण करने के लिए लोगों को अधिक पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। महज ₹10000 में करोड़ों रुपए की मिलकियत की संपत्ति का नामांतरण हो जाएगा। शासन के आदेश और सदन की स्वीकृति के बाद नगर निगम ने 1 जून से नई व्यवस्था लागू कर दी है इससे पहले लोगों से आपत्ति आमंत्रित की गई थी लेकिन एकमाह की अवधि ने किसी ने भी इस पर आपत्ति नहीं जताई। अब तक नगर निगम द्वारा संपत्ति की कीमत का एक प्रतिशत नामांतरण शुल्क वसूला जाता था। अब नगर निगम द्वारा नामांतरण की नई दरें इस प्रकार निर्धारित की गई है ₹500000 कीमत की संपत्ति तक रुपए 1000, 5 लाख से 10 लाख रुपए तक की संपत्ति तक रुपए 2000,10 लाख से 15 लाख रुपए तक की संपत्ति पर ₹3000, 15 लाख से ₹50 लाख की संपत्ति पर ₹5000, 50 लाख से अधिक की संपत्ति पर ₹10000 नामांतरण शुल्क होगा। जमीन मकान या अन्य अचल संपत्ति खरीदने के बाद नगर निगम में नामांतरण करना अनिवार्य होता है लेकिन अधिकतर लोग इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाते थे लोगों को राहत देने के लिए शासन ने संशोधित नियमावली लागू करते हुए नामांतरण शुल्क की नई दरे निर्धारित कर दी हैं। नगर निगम ने कार्यकारिणी और सदन की स्वीकृति मिलने के बाद इस पर आपत्तियां मांगी और एक माह का समय दिया गया था। इन नई दरों के लागू होने से नगर निगम को नामांतरण से जो 4 करोड़ के लगभग आय होती थी वह घटकर लगभग 20 लाख रुपए पर आ जाएगी। नामांकन शुल्क की नई दरें लागू होने से आमजन को तो राहत मिलेगी लेकिन नगर निगम के खजाने को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। महानगर में हर वर्ष लगभग 400 करोड रुपए की कीमत की संपत्तियों का नामांतरण होता है जिससे नगर निगम को लगभग 4 करोड रुपए की आय होती थी लेकिन नया शुल्क लागू होने के बाद अब यह आय घटकर 15 से 20 लख रुपए तक ही सिमट जाएगी। इस बारे में अवधेश कुमार मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नगर निगम झांसी का कहना है कि शासन के आदेश और सदन की मंजूरी मिलने के बाद नामांतरण की संशोधित दरों को लेकर आपत्तियां मांगी गई थी लेकिन एक माह में कोई भी आपत्तियां नहीं आने के बाद 1 जून से नामांतरण की नई दरें लागू कर दी गई है।शरद शिवहरे /ईएमएस /4जून