राष्ट्रीय
05-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। विश्व योग दिवस (21 जून) से पूर्व आयुष मंत्रालय आम लोगों को रोजाना अलग-अलग योगासनों के फायदे और उनके अभ्यास के तरीके बताकर उन्हें अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसी क्रम में, मंत्रालय ने कटिचक्रासन के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है, जिसे सांस लेने की समस्याओं से लेकर पाचन संबंधी परेशानियों तक को दूर करने में बेहद कारगर माना जाता है। यह एक ऐसा आसन है, जिसे नियमित अभ्यास से कई शारीरिक लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। योग विशेषज्ञों के अनुसार, कटिचक्रासन एक आसान लेकिन अत्यंत प्रभावी आसन है। इसे खड़े होकर किया जाता है और यह शरीर के ऊपरी हिस्से, विशेष रूप से कमर और रीढ़ की हड्डी पर केंद्रित होता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से कमर की कमजोरी दूर होती है, शरीर का लचीलापन बढ़ता है और पूरे शरीर की गतिशीलता बनी रहती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि आज के दौर में स्वस्थ वृद्धावस्था का मतलब केवल लंबी उम्र पाना ही नहीं है, बल्कि बढ़ती उम्र में भी शारीरिक शक्ति, गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और पूरी सेहत बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। आजकल की व्यस्त और गतिहीन जीवनशैली में कठोरता, कमर दर्द, सांस लेने में तकलीफ, पाचन की कमजोरी और लचीलेपन की कमी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ये समस्याएं धीरे-धीरे हमारे जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, जिससे हमारा दैनिक जीवन मुश्किल हो जाता है। कटिचक्रासन इन सभी समस्याओं से निपटने में एक महत्वपूर्ण और मददगार साबित होता है। कटिचक्रासन के अभ्यास से मिलने वाले प्रमुख फायदों के बारे में बात करें तो यह आसन कमर और रीढ़ को मजबूत बनाकर शरीर के लचीलेपन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाता है। यह रीढ़ की हड्डी को घुमावदार गति प्रदान करता है, जिससे उसमें रक्त संचार बेहतर होता है। यह श्वसन क्रिया (सांस लेने की प्रक्रिया) को सुधारता है, जिससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और सांस लेने में होने वाली तकलीफें कम होती हैं। इसके साथ ही, यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है, पेट के अंगों को मालिश करता है और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को तेज करता है। इसके अभ्यास से पीठ और कूल्हों की जकड़न कम होती है, जो लंबे समय तक बैठे रहने के कारण पैदा होती है। साथ ही, शरीर में ऊर्जा का स्तर भी बढ़ता है, जिससे व्यक्ति दिनभर अधिक सक्रिय और तरोताजा महसूस करता है। यह आसन खासकर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, जैसे कि दफ्तर में काम करने वाले पेशेवर, या जिन्हें कमर संबंधी शिकायतें हैं। नियमित अभ्यास से वृद्धावस्था भी सक्रिय और स्वस्थ रह सकती है, जिससे बुजुर्ग व्यक्ति अपनी दैनिक गतिविधियों को अधिक सहजता से कर पाते हैं। कटिचक्रासन जैसा आसन घर पर आसानी से किया जा सकता है और इसके लिए किसी विशेष उपकरण या महंगे जिम की जरूरत नहीं पड़ती। सुदामा/ईएमएस 05 जून 2026