खेल
05-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत की ओलंपिक पदक विजेता और स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू का ध्यान अब 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों पर है। इन खेलों में वह अपने पसंदीदा 48 किग्रा वर्ग में उतरेंगी, जहां उन्हें स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। राष्ट्रमंडल खेलों में उनका प्रदर्शन हमेशा ही बेहतरीन रहा है और वह एक बार फिर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल करने की उम्मीद कर रही हैं। हाल ही में मोदीनगर में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उन्होंने कुल 205 किग्रा (89 किग्रा स्नैच और 116 किग्रा क्लीन एंड जर्क) भार उठाकर 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था, जो उनके फॉर्म को दर्शाता है। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद, चानू अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों पर ध्यान केंद्रित करेंगी। एशियाई खेल उनके लिए एक नई चुनौती पेश करेंगे, क्योंकि इस टूर्नामेंट के लिए उन्हें 53 किग्रा वर्ग में उतरना होगा। इसके लिए उन्हें अपना वजन भी बढ़ाना होगा, जो किसी भी भारोत्तोलक के लिए एक महत्वपूर्ण समायोजन होता है। दिलचस्प बात यह है कि अपने शानदार करियर के बावजूद, मीराबाई चानू ने अब तक एशियाई खेलों में कोई पदक नहीं जीता है, जिससे यह उनके लिए एक विशेष प्रेरणा का स्रोत है। यह साल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए पहला क्वालीफाइंग टूर्नामेंट होने के कारण और भी अहम माना जा रहा है। एशियाई खेलों का प्रदर्शन न केवल पदक के लिए, बल्कि ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया की शुरुआत के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। मीराबाई की अनुपस्थिति से एशियाई चैम्पियनशिप में उनकी जगह कोमल कोहर को शामिल किया जा सकता है, जिससे उन्हें भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। मीराबाई चानू अब पूरी तरह से अपनी चोट से उबरने और ग्लासगो व आइची-नागोया ( में होने वाले बड़े मुकाबलों के लिए अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करेंगी, ताकि वह एक बार फिर भारत को गौरवान्वित कर सकें। गिरजा/ईएमएस 05 जून 2026