- चलती बाइक को लात मारकर गिराया - 4 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल गुना (ईएमएस)।जिले में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब लूट की वारदातों में लोगों की जान की भी परवाह नहीं की जा रही। धरनावदा थाना क्षेत्र के बेरखेड़ी डांग के पास तीन बेखौफ बदमाशों ने एक बुजुर्ग दंपति को निशाना बनाते हुए महिला के कानों से सोने के टॉप्स झपट लिए और फिर सबूत मिटाने तथा बचकर निकलने के लिए चलती मोटरसाइकिल को लात मारकर गिरा दिया। बाइक पर सवार 4 साल का मासूम बच्चा सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। गनीमत रही कि उसकी जान बच गई, अन्यथा यह वारदात एक बड़े हादसे में बदल सकती थी। जानकारी के अनुसार बुमराखेड़ी निवासी भोलाराम अपनी पत्नी शांतिबाई और 4 वर्षीय पोते आरव के साथ गुना से गांव लौट रहे थे। शाम करीब 5:15 बजे वे बेरखेड़ी डांग क्षेत्र में पानी पीने के लिए रुके थे। वहीं तीन संदिग्ध युवक पहले से मौजूद थे। कुछ देर बाद जब भोलाराम परिवार के साथ मोटरसाइकिल से आगे बढ़े तो तीनों बदमाश भी उनके पीछे लग गए। रास्ते में बदमाशों ने अपनी बाइक को गलत दिशा से उनकी मोटरसाइकिल के बराबर लाया। बीच में बैठे युवक ने झपट्टा मारकर शांतिबाई के कानों से सोने के टॉप्स खींच लिए। टॉप्स खींचने की वजह से उनके कान कट गए और खून बहने लगा। इसके तुरंत बाद पीछे बैठे एक बदमाश ने उनकी मोटरसाइकिल में जोरदार लात मार दी। संतुलन बिगड़ते ही बाइक सड़क पर गिर गई और उस पर सवार तीनों लोग दूर तक घिसट गए। इस हादसे में 4 वर्षीय आरव बुरी तरह घायल हो गया। उसके चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। वहीं भोलाराम की आंख में गंभीर चोट लगी है और शांतिबाई के कान फट गए। परिजनों का कहना है कि यदि बच्चा किसी भारी वाहन की चपेट में आ जाता तो उसकी जान जा सकती थी। घटना ने जिले में बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में शहर की भार्गव कॉलोनी में घर के बाहर झाड़ू लगा रही महिला का मंगलसूत्र सरेराह छीन लिया गया था। वहीं 3 जून को जैन संत मुनि पुंगव सुधासागर महाराज की अगवानी के दौरान भी बाहरी गिरोह ने एक दर्जन से अधिक लोगों के जेवर और नकदी पार कर दी थी। इन घटनाओं के बीच बेरखेड़ी डांग की यह वारदात लोगों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर रही है। पुलिस ने तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पारदी गिरोह के सदस्यों पर संदेह जताया जा रहा है।-सीताराम नाटानी