क्षेत्रीय
05-Jun-2026
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- बढ़ते साइबर अपराध से बचाव के लिए साइबर डीएसपी ने विशेष सतर्कता बरतने का दिया सुझाव मधुबनी, (ईएमएस)। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए साइबर डीएसपी अंकुर कुमार ने आम लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। विशेष रूप से केवाईसी अपडेट, बैंक खाता वेरिफिकेशन, रिवॉर्ड, सब्सिडी, लोन अथवा अन्य आकर्षक ऑफरों का झांसा देकर लोगों के मोबाइल फोन में विभिन्न प्रकार के ऐप इंस्टॉल करवाए जा रहे हैं। जिसके बाद अपराधी उनके मोबाइल और बैंक खातों तक पहुंच बना लेते हैं.साइबर डीएसपी ने बताया कि ठग अक्सर एनी डेस्क, टीम व्यूअर, क्विक सपोर्ट, स्क्रीन शेयरिंग जैसे रिमोट एक्सेस ऐप्स डाउनलोड करवाकर मोबाइल का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं। एक बार मोबाइल तक पहुंच मिल जाने पर अपराधी बैंकिंग ऐप्स, यूपीआई, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लोगों का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो जाता है। बैंकिंग और यूपीआई संबंधी गोपनीय जानकारी चोरी हो सकती है। ओटीपी और पासवर्ड लीक हो सकते हैं तथा बैंक खातों से अवैध निकासी की घटनाएं भी सामने आती हैं। कई बार साइबर अपराधी पीड़ित के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी करते हैं। साइबर डीएएसपी अंकुर कुमार ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करें। बैंक, वित्तीय संस्थान अथवा सरकारी एजेंसियां कभी भी फोन कर किसी ग्राहक से रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहती है। यदि कोई व्यक्ति फोन पर इस प्रकार की मांग करता है तो उसे तुरंत संदिग्ध मानते हुए कॉल समाप्त कर दें।उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवी वी नंबर, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दिया है। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करें और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर डीएसपी ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। लोगों की छोटी-सी सावधानी उन्हें आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और पहचान संबंधी धोखाधड़ी से बचा सकती है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि साइबर अपराधियों के मंसूबों को विफल किया जा सके। - सुरक्षा के लिए याद रखें किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप इंस्टॉल न करें। संदिग्ध लिंक और फर्जी कॉल से सतर्क रहें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। कार्तिक कुमार/संतोष झा- ०५ जून/२०२६/ईएमएस