रायगढ़(ईएमएस)। जिले में प्रस्तावित केनाल-लिंक रोड निर्माण परियोजना को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने जोगीडीपा, फौजदार और आसपास के क्षेत्रों में प्रस्तावित सड़क निर्माण से प्रभावित होने वाले परिवारों की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए एक जांच समिति गठित की। समिति ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया और बाद में नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रस्तावित सड़क परियोजना के लिए नगर निगम द्वारा इंदिरानगर, जोगीडीपा और फौजदार क्षेत्र के करीब 30 से 35 परिवारों को मकान हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें अधिकांश परिवार कई दशकों से वहां निवास कर रहे हैं और छोटे व्यापार या मजदूरी के जरिए आजीविका चला रहे हैं। ऐसे में सड़क निर्माण के कारण उनके सामने आवास और रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। स्थल निरीक्षण के बाद कांग्रेस की जांच समिति ने दावा किया कि परियोजना में कई ऐसे पहलू हैं जिन पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। पार्टी ने मांग की है कि प्रस्तावित केनाल-लिंक रोड की चौड़ाई 16 मीटर तक सीमित रखी जाए, ताकि कम से कम लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़े। कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि जोगीडीपा, फौजदार, बाबूपारा से लेकर मरीन ड्राइव तक प्रभावित सभी परिवारों और उनके वयस्क सदस्यों को अन्य पुनर्वास योजनाओं की तर्ज पर निःशुल्क आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के लिए उसी क्षेत्र में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। ज्ञापन में नगर निगम से परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले मकानों और दुकानों की विस्तृत सूची सार्वजनिक करने तथा नगर पालिक निगम अधिनियम 1976 की धारा-73 के पालन संबंधी जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। कांग्रेस का कहना है कि वह विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के पुनर्वास, आजीविका और अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। अब इस मामले में नगर निगम प्रशासन के रुख और आगामी कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)05 जून 2026