गुना (ईएमएस) आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम बरोद में किसान अशोक यादव द्वारा जहर खाकर आत्महत्या किए जाने और उसके बाद परिजनों द्वारा हनुमान चौराहे पर चक्काजाम कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग किए जाने के बीच अब मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। मृतक के परिजनों द्वारा नामजद किए गए अंकेश यादव ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उन्हें और उनके परिवार को झूठे हत्या के मामले में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अशोक यादव द्वारा आत्महत्या जैसी धमकी दिए जाने की जानकारी उन्होंने पहले ही पुलिस को लिखित रूप से दी थी। अंकेश यादव ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व उनका अशोक यादव से विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत बंद हो गई थी। उनका कहना है कि इसके बाद उनका अशोक से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक यादव अक्सर शराब के नशे में गाली-गलौज करता था और कई बार कहता था कि “मेरे आगे-पीछे कोई नहीं है, मैं तो मरूंगा और तुम्हें भी साथ ले डूबूंगा।” अंकेश का कहना है कि मृतक के परिजन जिस मेड़ विवाद की बात कर रहे हैं, वैसा कोई विवाद उनके बीच नहीं था। उन्होंने बताया कि अशोक के व्यवहार और आत्महत्या कर झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी को लेकर उन्होंने पहले आरोन थाना और बाद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन दिया था। 7 मई 2026 को दिए गए आवेदन में उन्होंने उल्लेख किया था कि अशोक शराब के नशे में विवाद करता है तथा आत्महत्या कर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देता है। आत्महत्या की घटना के बाद 4 जून को भी अंकेश यादव ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदन में उन्होंने कहा है कि अशोक द्वारा जहरीला पदार्थ सेवन करने की घटना से उनका कोई संबंध नहीं है, लेकिन मृतक के परिजन उन पर और उनके परिवार पर हत्या का आरोप लगाने का प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसान अशोक यादव की जहर खाने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए हनुमान चौराहे पर चक्काजाम किया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के दावों एवं दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सीताराम नाटानी