इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस जय कुमार पिल्लई की कोर्ट ने पुलिस द्वारा जांच प्रक्रिया में की गई लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जांच करने वाले अधिकारी की ही जांच करने के आदेश पुलिस अधीक्षक को दिए हैं। मामला आलीराजपुर के कोतवाली थाने का है जहां शराब की तस्करी पर पुलिस ने छह माह बाद आरोपित कमरू को गिरफ्तार किया था। वह 15 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में है। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, घेराबंदी करने पर वाहन चालक अंधेरे का लाभ उठाकर ट्रक छोड़कर भाग गया था। बाद में पुलिस ने वाहन स्वामी के बयान के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को केवल एक कथित विक्रय अनुबंध के आधार पर 6 माह बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि न तो नोटरी और न गवाहों के बयान दर्ज किए गए। यह भी कहा गया कि जांच अधिकारी ने जांच लापरवाहीपूर्ण तरीके से की है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने, लंबे समय से जेल में होने और ट्रायल में लंबा समय लगने का अंदेशा होने के चलते कमरू को 25 हजार के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत के आधार पर उसे जमानत दे दी। साथ ही कोर्ट ने एसपी को दो माह में जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने का आदेश देते आदेश में टिप्पणी की कि जांच जिस प्रकार की गई, वह संतोषजनक प्रतीत नहीं होती और विस्तृत जांच आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां दोहराई न जाएं। आनंद पुरोहित/ 05 जून 2026