राष्ट्रीय
05-Jun-2026
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-भाजपा पंजाब और केरल की राजनीति में दोनों नेताओं को नई भूमिका देने की तैयारी में नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को दोबारा राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद उनके मंत्री पद पर बने रहने की संभावनाएं लगभग समाप्त मानी जा रही हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए दोनों नेताओं को राज्यों की सक्रिय राजनीति में उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। दोनों नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है और पार्टी ने उन्हें दोबारा उच्च सदन भेजने का फैसला नहीं किया है। ऐसे में संवैधानिक प्रावधानों के तहत उनका मंत्री पद भी सीमित अवधि के बाद समाप्त हो जाएगा। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि भाजपा अब उन्हें राज्यों में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी सौंप सकती है। रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम पंजाब भाजपा की भविष्य की रणनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि बिट्टू स्वयं आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी यह इच्छा भी जताई थी। भाजपा पंजाब में अपने संगठनात्मक विस्तार और राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने के प्रयास में जुटी है। ऐसे में पार्टी बिट्टू को राज्य की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी देकर चुनावी मैदान में उतार सकती है। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन केरल से आते हैं, जहां भाजपा लंबे समय से अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुरियन को संगठनात्मक स्तर पर या आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी जा सकती है। केरल में ईसाई समुदाय के बीच उनकी पकड़ और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए भाजपा उन्हें राज्य में अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बना सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि भाजपा आने वाले समय में पंजाब और केरल में अपने विस्तार की रणनीति के तहत बिट्टू और कुरियन दोनों के अनुभव का उपयोग करना चाहती है। ऐसे में उनका फोकस अब दिल्ली की बजाय राज्यों की राजनीति पर अधिक केंद्रित हो सकता है। हिदायत/ईएमएस 05जून26