- दूसरे डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर पर तैयार की जाली डिग्री - गिरोह का मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल भी भोपाल पुलिस के रिमांड पर - एनएचएम के तहत संजीवनी क्लिनिकों में फर्जी डिग्री से लगवाई कई फर्जी डॉक्टरो की नौकरी भोपाल(ईएमएस)। मध्य प्रदेश में फर्जी डॉक्टरों के गिरोह का भांडाफोड़ होने के बाद एनएचएम दफ्तर से मिली शकिायत के आधार पर अब भोपाल की चूनाभट्टी पुलिस ने 9 मुन्नाभाईयो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपी कथित डॉक्टरो के नाम डॉ. आकाश चंदेलकर, डॉ. मोहर सिंह, डॉ. कमल किशोर, डॉ. मोनिका, डॉ. हारून, डॉ. शांति, डॉ. सोनम, डॉ. बुद्धमान और डॉ. पवन बताए गए हैं। विभागीय जॉच में सामने आया की इन सभी ने फर्जी डिग्री, फर्जी मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन या दूसरे डॉक्टरों के पंजीयन नंबर के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की। इनमें किसी ने दूसरे डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल किया, तो किसी का पंजीयन नंबर मेडिकल काउंसिल के रिकॉर्ड में ही मौजूद नहीं मिला। आरोपी जनवरी 2026 से लोग मरीजों का इलाज भी करते रहे। - एनएचएम को मिली शिकायत मिली जानकारी के अनुसारआरोपी 9 डॉक्टरो की डिग्री और दस्तावेजों को लेकर एनएचएम दफ्तर को शिकायत मिली थी। जांच में इनके दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जब मेडिकल काउंसिल से मिलान कराया गया तो पता चला कि दिए गए रजिस्ट्रेशन नंबर दूसरे डॉक्टरों के नाम पर दर्ज हैं। आरोपियों ने असली डॉक्टरों के दस्तावेजों की कॉपी हासिल कर उन्हें एडिट किया। फिर अपने नाम से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए। इनके आधार पर नौकरी हासिल की। - फर्जी एमबीबीएस डिग्री तैयार कराने का मास्टरमाइंड भोपाल से गिरफ्तार गौरतलब है, की दमोह में फर्जी एमबीबीएस डिग्री के सहारे नौकरी करने के मामले के मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल को दमोह पुलिस ने बुधवार को भोपाल के कोहेफिजा इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। हीरा सिंह यहां एक्स-रे सेंटर चला रहा था। - 50 से ज्यादा हो सकती है फर्जी डॉक्टरो की संख्या भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, धार, मंडला,जबलपुर में धरपकड़ जारी मास्टरमांइड हीरा सिंह कौशल से शुरुआती पूछताछ के आधार अफसरो का कहना है, की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संजीवनी क्लिनिकों में फर्जी डिग्री से नौकरी कर रहे ऐसे डॉक्टर्स की संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है। पुलिस को आरोपी के पास सें एक डॉक्टर्स की लिस्ट भी मिली है। वहीं हीरा सिंह ने नेटवर्क में शामिल कई लोगों के नाम का खुलासा किया है। इनकी तलाश में पुलिस की टीमें भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, धार, मंडला और जबलपुर में आरोपियो की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही हैं। पुलिस को आरोपी के पास सें एक डॉक्टर्स की लिस्ट भी मिली है। - अब तक चार गिरफ्तार जानकारी के मुताबिक मास्टरमाइंड हीरा सिंह को मिलाकर मामले में अब तक चार आरोपियो की गिरफ्तारी हो चुकी हैं। इससे पहले गिरफ्तार डॉ. कुमार सचिन यादव, डॉ. राजपाल गौर और डॉ. अजय मौर्य पहले ही दबोचे जा चुके है। - ऐसे चला रहा था गिरोह पुलिस जांच में सामने आया है की हीरा सिंह कौशल पूरे गिरोह को चला रहा था। उसने सबसे पहले अजय मौर्य की फर्जी डिग्री बनवाई थी। फिर अजय के जरिए कुमार सचिन यादव और राजपाल गौर ने भी फर्जी डिग्री और रजिस्ट्रेशन बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। - दमोह सीएमएचओ को मिली गोपनीय सूचना पर हुआ था खुलासा फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब दमोह सीएमएचओ डॉ. राजेश अठ्या ने गोपनीय सूचना के बाद इन तीनों डॉक्टर्स की डिग्रियों की जांच करवाई। मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल की जांच में राजपाल गौर का रजिस्ट्रेशन फर्जी निकला। जांच के दौरान ये भी खुलासा हुआ है कि तीनों आरोपियों ने 8 से 10 लाख रुपए में एमबीबीएस की फर्जी डिग्री और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का फर्जी रजिस्ट्रेशन खरीदे थे। जुनेद / 5 जून